स्मार्ट हलचल|IIFL Foundation एवं शक्तिशाली महिला संगठन समिति के सहयोग से शिव एवं रामसर ब्लॉक में संचालित सखियों की बाड़ी केंद्रों पर रक्षाबंधन पर्व हर्षोल्लास, उमंग और आपसी प्रेम की भावना के साथ मनाया गया। ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं के लिए यह आयोजन केवल त्योहार मनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रेम, सम्मान, सहयोग और रिश्तों की अहमियत को समझने का सुंदर अवसर भी बना।
कार्यक्रम की शुरुआत दक्षा दीदियों द्वारा बालिकाओं को रक्षाबंधन पर्व के महत्व के बारे में सरल एवं रोचक तरीके से जानकारी देने के साथ हुई। बालिकाओं ने एक-दूसरे को राखी बांधी और गीत, कविता एवं विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान सखियों की बाड़ी केंद्रों पर खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
इस अवसर पर दक्षा दीदियों ने भागीरथ , रोशन , प्रकाश सिंह और शेर खान को भी राखी बांधकर अपने स्नेह, सम्मान और अपनत्व की भावना व्यक्त की। राखी बांधते समय दक्षा दीदियों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया। दक्षा दीदियों एवं कलस्टर हेड ने भी बालिकाओं को स्नेह और आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
दक्षा दीदियों ने बालिकाओं को समझाया कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि एक-दूसरे की सुरक्षा, सम्मान, सहयोग और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने बालिकाओं को अपने परिवार, समाज और साथियों के प्रति जिम्मेदारी एवं सम्मान की भावना रखने के लिए प्रेरित किया।
सखियों की बाड़ी जैसे ग्रामीण शिक्षा केंद्रों पर इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजन बालिकाओं के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कृति से जोड़ने की यह पहल बालिकाओं के व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक सार्थक कदम है।
रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर सखियों की बाड़ी केंद्रों से प्रेम, विश्वास, सहयोग और शिक्षा का संदेश दिया गया—जहां हर राखी ने रिश्तों को मजबूत किया और हर मुस्कान ने एक बेहतर भविष्य की उम्मीद जगाई।
