सांगानेर, 01 फरवरी 2026: स्मार्ट हलचल| राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना शताब्दी वर्ष एवं श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आज सांगानेर कस्बे में एक ऐतिहासिक ‘विशाल हिन्दू सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। भक्ति, शक्ति और राष्ट्रभक्ति के इस त्रिवेणी संगम में पूरे क्षेत्र से हजारों की संख्या में श्रद्धालु और प्रबुद्ध नागरिक सम्मिलित हुए।
भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक छटा
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8 बजे तेजाजी चौक, बड़ा बाग से एक विशाल शोभायात्रा के साथ हुआ। इस शोभायात्रा में सांगानेर की मातृशक्ति ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाते हुए बड़ी संख्या में भाग लिया। रावला चौक पहुँचने पर पारंपरिक गैर नृत्य और बगड़ावत के ओजस्वी प्रदर्शन ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। शोभायात्रा के मुख्य आकर्षण भारत माता की मनमोहक झांकी और भगवान श्री चारभुजा नाथ का बेवाण रहे, जिनका जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया।
धर्म सभा: वैचारिक क्रांति का आह्वान
प्रातः 11 बजे कोठारी फार्म हाउस में मुख्य हिन्दू सभा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का प्रारंभ भगवान चारभुजा नाथ एवं भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और आरती के साथ हुआ। सभा की अध्यक्षता ग्राम के वरिष्ठ नागरिक श्री रामनारायण कोठारी ने की।
* मुख्य वक्ता दीपक सेन (महानगर कार्यवाह): उन्होंने संघ के 100 वर्षों के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक सुदृढ़ राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना होगा।
* संतों का पाथेय: सन्त छितरदास महाराज ने सनातन धर्म की एकता और अखण्डता को राष्ट्र की सुरक्षा का आधार बताया। वहीं, खाँखरा वाला देवता के महंत श्याम लाल जी ने जाति-पांति के बंधनों को भुलाकर एकजुट होने का आह्वान किया।
* नारी शक्ति और स्वावलंबन: दुर्गाशक्ति अखाड़ा की सांगानेर प्रमुख रेणु सेन ने किशोरियों को आत्मरक्षा हेतु मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए परिवारों को प्रेरित किया।
ओजस्वी प्रस्तुतियाँ और योग प्रदर्शन
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत हितेश एवं साथियों ने देशभक्ति गीतों पर ऊर्जावान नृत्य प्रस्तुत किया। शारीरिक सौष्ठव और एकाग्रता का परिचय देते हुए जगदीश डाड, ओमप्रकाश माली, कन्हैया कीर और आयुष ने योग के विभिन्न कठिन आसनों का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में सुप्रसिद्ध कवि सुरेंद्र किजड़ा ने अपनी ओजस्वी कविताओं से हिन्दू जागरण का शंखनाद किया।
सामाजिक समरसता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनों को ‘संघ के 100 वर्ष’ पुस्तिका का निःशुल्क वितरण किया गया। सम्मेलन का सफल संचालन सेठ मुरलीधर मानसिंहका राजकीय कन्या महाविद्यालय के सहायक आचार्य सूर्यप्रकाश पारीक ने किया। कार्यक्रम का समापन ऐतिहासिक ‘एक पंगत-एक संगत’ भोज के साथ हुआ, जहाँ समस्त ग्रामवासियों ने भेदभाव मिटाकर एक साथ बैठकर भोजन ग्रहण किया।













