योग स्वस्थ जीवन व्यतीत करने की कला एवं विज्ञान: योगाचार्य उमाशंकर भाई

योग स्वस्थ जीवन व्यतीत करने की कला एवं विज्ञान: योगाचार्य उमाशंकर भाई

रामधाम में नियमित चल रही योग क्लासेस, योग निद्रा का कराया अभ्यास
स्मार्ट हलचल, पंकज पोरवाल
भीलवाड़ा। श्री रामधाम रामायण मंडल ट्रस्ट, सत्यानंद वेद एवं योग विज्ञान संस्थान और श्री केशव स्मृति सेवा प्रन्यास की ओर से हमीरगढ़ रोड स्थित रामधाम में नियमित योग कक्षा चल रही है। मंगलवार को योग निंद्रा का अभ्यास करवाते हुए बिहार योग भारती मुंगेर से प्रशिक्षित योगाचार्य उमाशंकर भाई ने कहा की योग स्वस्थ जीवन व्यतीत करने की कला एवं विज्ञान है। योग करने का मकसद आत्मज्ञान की प्राप्ति तथा सभी प्रकार की शारीरिक परेशानियों को दूर करना है। योग मनुष्य के मन और आत्मा की अनंत क्षमता को बढ़ाकर आत्मज्ञान की प्राप्ति करवाता है। योग की इन्ही खासियत को भारत के लोक सेवा प्रसारक प्रसार भारती ने एक गीत के माध्यम से बताया है। गीत के बोल हैं योग आरंभ हो, जो बहुत ही कर्णप्रिय और प्रेरित करनेवाला है। कक्षा में उन्होंने विभिन्न प्रकार के योग, आसन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराते हुए इसे नियमित करने की सलाह दी। राम धाम में योग कक्षा प्रतिदिन सुबह 6 से 7 बजे तक चल रही है।

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