मुकेश खटीक
मंगरोप।हमीरगढ़ कस्बे में पवित्र माह रमजान के 23वें रोज़े के अवसर पर शुक्रवार को आखिरी जुमे की नमाज नए बाजार स्थित जामा मस्जिद में पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ अदा की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के नमाजी मस्जिद पहुंचे और देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआएं मांगी।
नमाज के बाद नमाजियों ने एक-दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद दी तथा समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने का संदेश दिया। इस अवसर पर मस्जिद परिसर में आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला।
इसी के साथ कस्बे के बाजारों में भी ईद-उल-फितर को लेकर रौनक बढ़ने लगी है। लोग कपड़े, मिठाई और अन्य जरूरी सामान की खरीदारी करते नजर आ रहे हैं तथा त्योहार की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
नए बाजार स्थित जामा मस्जिद के इमाम साहब ने अपने बयान में कहा कि रमजान का महीना इबादत, सब्र और इंसानियत का संदेश देता है। उन्होंने सभी लोगों से जकात और फितरा अदा करने के साथ जरूरतमंदों की मदद करने, समाज में प्रेम और भाईचारा बनाए रखने तथा अच्छे कर्म करने की अपील की।
इमाम साहब ने बताया कि यदि 29 रमजान को चांद नजर आ जाता है तो अगले दिन ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा। वहीं चांद दिखाई नहीं देने की स्थिति में 30 रोजे पूरे कर उसके अगले दिन ईद का पर्व मनाया जाएगा।
