जमकर चला नगर पालिका चुनाव में रामलाल गुर्जर फेक्टर .भाजपा को भारी नुकसान. भाजपा में अध्यक्ष का चेहरा नहीं होने से झेलना पड़ा नुकसान. कांग्रेस 26 भाजपा 13 निर्दलीय 1

रणवीर सिंह चौहान

. स्मार्ट हलचल / भवानी मंडी. भवानीमंडी नगर पालिका चुनाव परिणाम में आज चौंकाने वाले नतीजे आए इन चुनाव से पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में गए पूर्व पालिका अध्यक्ष रामलाल गुर्जर फैक्टर शहर में जमकर चला गुर्जर कांग्रेस से अपनी तीन सीटों को जीत कर ले आए साथ ही उनके कई वार्डों में धुआंधार प्रचार कांग्रेस की लहर बन गई में भाजपा में अध्यक्ष का चेहरा सामने नहीं होने से भारी नुकसान झेलना पड़ा. नगर पालिका चुनाव में भाजपा द्वारा शुरू से ही सीनियर नेताओं जिसमें पूर्व पालिका अध्यक्ष रामलाल गुर्जर तथा पूर्व पालिका उपाध्यक्ष विनय पोरवाल की उपेक्षा भाजपा को भारी पड़ी इसीलिए चुनाव नामांकन भरने के 2 दिन पूर्व पूर्व पालिका अध्यक्ष रामलाल गुर्जर ने कांग्रेस ज्वाइन कर ली कांग्रेस ने उनके परिवार में तीन टिकट दिए उनके पुत्र पुत्र वधू को को वार्ड से प्रत्याशी घोषित किया कांग्रेस में जाने के बाद पूर्व पालिका अध्यक्ष रामलाल गुर्जर ने ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रोड सिंह परमार नगर कांग्रेस अध्यक्ष विनय आस्तोलिया के साथ आक्रामक तरीके से सवेरे 5 बजे से रात्रि के 1 बजे तक सभी 40 ही वार्डों में धुआंधार प्रचार कर कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में वोट मांगे फल स्वरूप वह अपनी तीन सिटे तो कांग्रेस से जीत कर लाए किन्तु अन्य कई वार्डो को भी उनके आक्रामक प्रचार करने का तरीका जनता को भाया जिसका प्रमाण चुनाव परिणाम के रूप में नजर आया भवानी मंडी की राजनीति में रामलाल गुर्जर का नाम आज शहर की जनता में चर्चा का मुख्य बिंदु रहा अब देखना यह है 16 सितंबर को कांग्रेस अध्यक्ष के लिए किसको मौका देती है कांग्रेस में मुख्य रूप से अब दो ही दावेदार सामने नजर आ रहे हैं जिसमें नगर कांग्रेस अध्यक्ष विनय आस्तो लिया और रामलाल गुर्जर जो खुद तो प्रत्याशी नहीं किंतु उनके पुत्र तथा पुत्रवधू चुनाव मैदान में थे तीनों ही चुनाव जीत गए हैं भाजपा द्वारा शुरू से ही सीनियर नेताओं की उपेक्षा की गई जिसके चलते कुछ सीनियर नेताओं के टिकट काटे गए दो बार पालिका अध्यक्ष रहे रामलाल गुर्जर तथा तीन बार पालिका उपाध्यक्ष रहे विनय पोरवाल की उपेक्षा भाजपा को भारी पड़ी इनका टिकट नहीं देना नुकसान का सौदा रहा वहीं भाजपा द्वारा जो टिकट वितरण किए गए इसमें अध्यक्ष पद का कोई मजबूत चेहरा नहीं होने से भी भाजपा को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा वैसे तो भाजपा से वरिष्ठ भाजपा नेता दिनेश. करावन तथा भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रदीप जैन आवर इन्होंने अपनी मेहनत में कोई कसर नहीं छोड़ी किंतु यह तीन फैक्टर भाजपा के लिए काफी नुकसानदायक रहे जिसका परिणाम चुनाव में सामने आया