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अवैध बजरी जब्ती पर बवाल, रेंजर को धमकी, जनप्रतिनिधि की मौजूदगी में ट्रैक्टर छुड़ाए

अनिल कुमार

स्मार्ट हलचल|ब्यावर में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई उस समय विवादों में घिर गई जब एसआईटी टीम के सदस्य एवं वन विभाग के रेंजर अश्विनी पारीक द्वारा पकड़े गए अवैध बजरी व चीजा पत्थर से भरे ट्रैक्टर जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में जबरन छुड़ा लिए गए। घटना के बाद रेंजर को खुलेआम धमकी देने का भी मामला सामने आया है, लेकिन अब तक न तो मामला दर्ज हुआ और न ही ठोस कार्रवाई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार रात गश्त के दौरान रेंजर अश्विनी पारीक ने दो ट्रैक्टर अवैध रूप से बजरी व चीजा पत्थर परिवहन करते पकड़े। परिवहन से संबंधित कोई रसीद या रवाना प्रस्तुत नहीं करने पर दोनों ट्रैक्टर वन विभाग कार्यालय में खड़े करवा दिए गए।
रविवार सुबह देलवाड़ा के सरपंच पति राजेंद्र चौधरी उर्फ पिंटू अपने साथ करीब 60–70 युवकों को लेकर वन विभाग कार्यालय पहुंचे और गाली-गलौज व हंगामा शुरू कर दिया। रेंजर पारीक व अन्य कर्मचारियों ने समझाइश का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। आरोप है कि रेंजर को ट्रैक्टर से कुचल देने तक की धमकियां दी गईं।
स्थिति बिगड़ती देख रेंजर ने पुलिस को सूचना दी। इसी बीच प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्रीय विधायक शंकर सिंह रावत को भी मौके पर बुला लिया। बताया गया कि विधायक ने रेंजर की बात सुने बिना उनसे शिकायतों की बात कही। रेंजर ने मर्यादा बनाए रखते हुए कोई प्रत्युत्तर नहीं दिया, लेकिन इसी दौरान जब्त ट्रैक्टर बिना किसी सूचना व रसीद के मौके से निकाल लिए गए। बजरी से भरे ट्रैक्टर के निकलते समय ग्रामीणों ने हूटिंग भी की।
घटना के बाद वन विभाग के अधिकारी शिकायत लेकर जिला कलेक्टर के निवास पहुंचे, लेकिन वे बाहर थे। एसडीएम दिव्यांश के निवास पर जाने पर कार्यालय जाने को कहा गया, जहां पता चला कि वे भी ब्यावर में नहीं हैं। अंततः पुलिस उपाधीक्षक को शिकायत दी गई, लेकिन आरोप है कि सीटी थाने में मुकदमा दर्ज कराने के बजाय “बुलाकर समझा देने” की बात कही गई।
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक कार्रवाई और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने सरकारी आदेशों के तहत अपना कर्तव्य निभाया, लेकिन न तो प्रशासनिक संरक्षण मिला और न ही पुलिस का सहयोग।
उधर, इसी मामले में चीजा पत्थर से भरे ट्रैक्टर के मालिक/चालक द्वारा रेंजर अश्विनी पारीक को मोबाइल नंबर 9649952248 से फोन कर जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी सामने आया है। धमकी में अपशब्दों का प्रयोग करते हुए ट्रैक्टर से कुचल देने की बात कही गई।
घटना के बाद सवाल उठ रहा है कि यदि अवैध खनन पर कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को ही धमकाया जाएगा और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में जब्त वाहन छुड़ा लिए जाएंगे, तो कानून का पालन कौन करवाएगा? क्या ऐसे हालात में अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश संभव है?

स्मार्ट हलचल न्यूज़ पेपर 31 जनवरी 2025, Smart Halchal News Paper 31 January 2025
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