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रीट लेवल प्रथमः काउसलिंग के बाद कर दिए थे विद्यालय आवंटित,REET Level 1: Counseling

रीट लेवल प्रथमः काउसलिंग के बाद कर दिए थे विद्यालय आवंटित,REET Level 1: Counseling

न्यायालय के फैसले के अधीन नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग:-सियाराम शिक्षक संघ

विद्यालय आवंटन के बाद भी नहीं मिली नियुक्ति,अभ्यार्थियों की वरिष्ठता एवम् वेतन की हानि

बांसवाड़ा

बाहरी विश्व विद्यालय की दस्तावेज सत्यापन के नाम पर अध्यापक भर्ती लेवल प्रथम में चयनित अभ्यर्थियों को विद्यालय आवंटन के बाद भी कार्यग्रहण नहीं मिल पाया है।

राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम ने समस्त नव चयनित अभ्यर्थियों को न्यायालय के फैसले के अधीन कार्यग्रहण प्रक्रिया शुरू करने की मांग कि है।

संगठन के प्रदेश शैक्षिक प्रकोष्ठ सह सचिव अरुण व्यास ने बताया कि दस्तावेज सत्यापन के बाद विद्यालय आवंटन के बाद पहले चुनाव की आचार संहिता लागू होने और बाद में प्रकरण के न्यायालय में चले जाने से अभ्यर्थियों का नियुक्ति के लिए इंतजार बढ़ गया है।पूर्व में भी न्यायालय के फैसले के अधीन नियुक्ति प्रक्रिया अस्थाई तौर पर होती रहती हैं उसी प्रकार इन प्रकरणों में भी कोर्ट निर्णय के अधीन कार्यग्रहण कराया जा सकता है जिससे कक्षाओं में विद्यार्थियों को शिक्षक मिल पाएंगे।

इधर प्रदेश में अध्यापक भर्ती के अन्तर्गत 19 हजार चयनित अभ्यर्थियों में से 15 हजार से कुछ अधिक अभ्यर्थियों को चयन, दस्तावेज सत्यापन, जिला परिषद से अनुमोदन के बाद नियुक्ति की भी मिल गई।

नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान ही अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में विधानसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने से शेष चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल पाई।

जिले के 131 अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित

चुनाव उपरांत जयपुर न्यायालय में नियुक्ति से संबंधित याचिका दाखिल होने और न्यायालय के यथास्थिति के आदेश से अब अभ्यर्थियों को नियुक्ति के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

बताया गया कि बांसवाड़ा जिले में अंतिम रूप से चयनित जिले में 131 अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित हैं।

चेहरों पर छाई मायूसी

आचार संहिता हटते ही कोर्ट के यथास्थिति के आदेश हो गए

नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थियों को चुनाव के बाद पदस्थापन की पूरी उम्मीद थी, किंतु आचार संहिता हटते ही कोर्ट के यथास्थिति के आदेश हो गए, जिससे बेरोजगारों में मायूसी छा गई। इसके बाद भी उन्हें विश्वास था कि 21 दिसंबर को सुनवाई के बाद यथास्थिति के आदेश हट जाएंगे और अन्य अभ्यर्थियों की तरह उन्हें भी नियुक्ति मिल जाएगी, किंतु यथास्थिति के आदेश यथावत रहने और सुनवाई की अगली तारीख जनवरी के अंतिम सप्ताह की मिलने से अब वंचित अभ्यर्थियों के सामने इंतजार के अलावा कोई चारा नहीं बचा है।

दो-तीन माह से अपने विद्यालय में सेवाएं दे रहे हैं वही वंचित दर- दर की ठोकरें खाने को विवश

इधर, संगठन के पदाधिकारी नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थीयों के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय में अधिकारीयों से मिले और
भेदभाव को लेकर आक्रोश
जताया गया और कहा कि जिस भर्ती को लेकर सारी प्रक्रिया हुई, उसमें उन्हीं के समकक्ष चयनित हुए अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल गई और दो-तीन माह से अपने विद्यालय में सेवाएं दे रहे हैं।
वही वंचित दर- दर की ठोकरें खाने को विवश हैं।

ज्ञापन राज्य सरकार को दिया गया है और पूर्व के समकक्ष कोर्ट के फैसलों का हवाला दिया गया है और जिसमें चयन तिथि से समस्त लाभ दिए गए

उधर बार बार जयपुर और बीकानेर तक चक्कर काटने के बाद भी ज्वाइनिंग आदेश नहीं मिलने से अब मानसिक रूप से पीड़ित हैं।देरी का असर उनके सेवाकाल पर भी पड़ेगा।

इधर संगठन ने एक साथ चयनित अभ्यर्थियों को कार्यग्रहण को लेकर ज्ञापन राज्य सरकार को दिया गया है और पूर्व के समकक्ष कोर्ट के फैसलों का हवाला दिया गया है और जिसमें चयन तिथि से समस्त लाभ दिए गए हैं।

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