घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल से छलनी हुई सड़क; रमेश बंजारा ने विधायक गोपाल खंडेलवाल व सांसद दामोदर अग्रवाल से संज्ञान लेने की मांग की, दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
जलिंद्री/माण्डलगढ़ (स्मार्ट हलचल)
मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के खैराड़ अंचल में लंबे इंतजार और आजादी के करीब 80 वर्ष बाद बनी जलिंद्री-महुआ सड़क इन दिनों घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार को लेकर चर्चा का केंद्र बनी हुई है। ग्रामीणों के लंबे संघर्ष के बाद महज दो वर्ष पूर्व बनी यह डामर सड़क निर्माण के कुछ ही समय बाद उखड़ गई। सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कई स्थानों पर डामर का नामोनिशान तक नजर नहीं आता और पूरा मार्ग गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुका है।
घटिया निर्माण सामग्री की भेंट चढ़ा मार्ग
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान ठेकेदार और संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा गुणवत्ता के निर्धारित मानकों को दरकिनार किया गया। घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के चलते 2 साल के भीतर ही सड़क पूरी तरह बिखर गई। गड्ढों और उड़ती धूल के कारण राहगीरों व वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तथा आए दिन हादसे हो रहे हैं।
डबल इंजन सरकार के जनप्रतिनिधियों से संज्ञान की मांग
स्थानीय नागरिक रमेश बंजारा ने लोक निर्माण विभाग से सड़क की तुरंत मरम्मत कराने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में डबल इंजन की सरकार है, इसलिए माण्डलगढ़ विधायक गोपाल खंडेलवाल और भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल को घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल और भ्रष्टाचार के इस मामले पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए तथा जांच बैठाकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करानी चाहिए।
🛑 खैराड़ क्षेत्र में भारी आक्रोश, बड़े आंदोलन की चेतावनी:
- सड़क निर्माण में बरती गई वित्तीय व तकनीकी अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच हो।
- जलिंद्री-महुआ मार्ग का अविलंब गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाए।
- यदि समय रहते सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया तो समस्त ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
सपनों की सड़क पर भ्रष्टाचार का ग्रहण
आजादी के 80 साल बाद पक्की सड़क की सौगात मिलने से खुश ग्रामीणों के सपनों पर ठेकेदारों और अधिकारियों के गठजोड़ ने पानी फेर दिया है। अब देखना यह है कि प्रशासन जनता के इस आक्रोश के बाद हरकत में आता है या ग्रामीणों को अपनी हक की सड़क के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा।