काशीपुरी पीएचसी में छत की पट्टी गिरने से मचा हड़कंप

 

काशीपुरी पीएचसी में छत की पट्टी गिरने से मचा हड़कंप, बाल-बाल बचे मरीज

जर्जर भवन ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल, समाजसेवी छीतर मल गेंगट ने विधायक और प्रशासन से की तत्काल मरम्मत की मांग

भीलवाड़ा

स्मार्ट हलचल|शहर के काशीपुरी स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में पर्ची काउंटर के ऊपर से छत की पट्टी और प्लास्टर का हिस्सा टूटकर अचानक नीचे गिर गया। घटना के दौरान अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही बनी हुई थी। गनीमत रही कि मलबे की चपेट में कोई नहीं आया और बड़ा हादसा टल गया। इस घटना ने अस्पताल भवन की जर्जर हालत और मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
काशीपुरी पीएचसी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं। पर्ची काउंटर पर मरीजों की कतार लगी रहती है, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल होते हैं। ऐसे में काउंटर के ऊपर से छत का हिस्सा टूटकर गिरना किसी बड़े हादसे की आशंका को उजागर करता है। यदि घटना के समय कोई मरीज इसकी चपेट में आ जाता, तो गंभीर चोट लग सकती थी। हादसे के बाद अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों में चिंता बनी हुई है।
अस्पताल में लोग बीमारी का इलाज कराने और स्वस्थ होने की उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन यदि उसी अस्पताल की छत उनके लिए खतरा बन जाए, तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। छत का हिस्सा गिरने की घटना यह भी संकेत देती है कि भवन के अन्य हिस्सों की स्थिति की जांच कराना जरूरी है। समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई, तो भविष्य में कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
समाजसेवी छीतर मल गेंगट ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि काशीपुरी पीएचसी आसपास की गरीब बस्तियों और आमजन के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में भवन की जर्जर हालत मरीजों के साथ अस्पताल कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि छत की पट्टी गिरने की घटना को चेतावनी मानते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
गेंगट ने स्थानीय विधायक अशोक कोठारी और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर पीएचसी भवन की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि छत, प्लास्टर और भवन के अन्य जर्जर हिस्सों की शीघ्र मरम्मत कराई जाए। साथ ही, प्रभावित स्थान पर मरम्मत पूरी होने तक मरीजों की आवाजाही रोकने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
फिलहाल घटना में किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन बड़ा हादसा टलने के बावजूद खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। अब देखना यह है कि संबंधित अधिकारी समय रहते भवन की सुध लेकर मरम्मत कराते हैं या किसी गंभीर दुर्घटना का इंतजार किया जाएगा। मरीजों की मांग है कि काशीपुरी पीएचसी की छत की तत्काल जांच और मरम्मत कराकर अस्पताल परिसर को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि इलाज कराने आने वाले लोगों की जान जोखिम में न पड़े।