मंगरोप@मुकेश खटीक।मंगरोप-भीलवाड़ा मार्ग सहित क्षेत्र की अन्य सड़कों के किनारे इन दिनों अंग्रेजी बबूल और लैंटाना की झाड़ियों का तेजी से फैलाव हो रहा है।सड़क के दोनों ओर उगी घनी झाड़ियों के कारण वाहन चालकों की दृश्यता प्रभावित हो रही है,जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि झाड़ियों की वजह से कई बार छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और आए दिन हादसों की आशंका बनी रहती है।ग्रामीणों एवं राहगीरों के अनुसार सड़कों के कई हिस्सों में अंग्रेजी बबूल और लैंटाना की झाड़ियां इतनी घनी हो चुकी हैं कि सामने से आने वाले वाहन समय पर दिखाई नहीं देते।विशेष रूप से मोड़ और कट पॉइंट पर स्थिति अधिक गंभीर है।ऐसे स्थानों पर वाहन चालकों को सड़क पार करने वाले व्यक्ति,पशु अथवा दूसरे वाहन का आभास तब होता है,जब प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत कम समय बचता है।स्थानीय लोगों ने बताया कि बरसात के मौसम में इन झाड़ियों की बढ़ोतरी और तेज हो जाती है।सड़क किनारे फैली झाड़ियां न केवल यातायात में बाधा बन रही हैं,बल्कि वन्यजीवों एवं आवारा पशुओं को भी छिपने का सुरक्षित स्थान उपलब्ध करा रही हैं।अचानक पशुओं के सड़क पर आने से वाहन चालक संतुलन खो बैठते हैं और दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं।ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभागों को अवगत कराया गया,लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।मंगरोप-भीलवाड़ा मार्ग से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं।ऐसे में सड़क सुरक्षा के दृष्टिकोण से झाड़ियों की नियमित कटाई और सफाई अत्यंत आवश्यक हो गई है।क्षेत्रवासियों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) एवं संबंधित एजेंसियों से सड़क के दोनों ओर उगी अंग्रेजी बबूल और लैंटाना की झाड़ियों को तत्काल हटाने की मांग की है।उनका कहना है कि सड़कों का चौड़ीकरण और बेहतर निर्माण तभी सार्थक होगा,जब मार्ग पूरी तरह सुरक्षित,साफ और बाधा मुक्त रहे।वर्तमान स्थिति में सड़क किनारे फैलती झाड़ियां वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी और संभावित खतरे का कारण बनी हुई हैं।
