गंगापुर – कस्बे के ग्राम सल्यावडी में श्रीमद् भागवत कथा में श्री रामधाम बालाजी बेगू,से महाराज घनश्याम वैष्णव द्वारा भागवत का वाचन करते हुए अपने ही घर में पांच जगह मृत्यु का स्थान बताया, चूल्हा में जल के स्थान में साफ सफाई में घटटी चक्की में ओखली में जिसका भगवान नाम से उधार हो सकता है। इसलिए स्नान ध्यान पूजा पाठ अर्चना वंदना सेवा तुलसी चरणा मृत, आदि लेने से इन सब का दोष खत्म हो जाता है। हंसी में खांसी में नींद में उबासी में राम नाम लेने से सारे पाप झड़ जाते हैं। कथा में पृथ्वी खंड की बात करते हुए आचार्य सुखदेव महामुनि भगवान ने सम्राट परीक्षित महाराज को भागवत कथा की कथा सुनाते हुए समझाया कि पृथ्वी खंड में वराह अवतार द्वारा पृथ्वी की स्थापना ब्रह्मा जी द्वारा मनु शतरूपा की रचना मनु शतरूपा से उत्थानपत राजा के सुरुचि सुमति सुमति के ध्रुव बालक भगवान विष्णु की भक्ति आराधना करने पर ज्ञान प्राप्त हुआ। भक्ति की कोई उम्र नहीं होती 5 वर्ष के बालक ने ओम नमो भगवते वासुदेवाय की माला करके भगवान को प्राप्त किया। कथा के बाद आरती करके प्रसाद वितरण किया गया। आसपास क्षेत्र से सैकड़ो भक्त कथा सुनने के लिए पहुंचे। मीठे रस से भारयोदी राधा रानी लगे ,म्हाने यमुना जी रो करो करो पानी लागे पर भक्ति झूमकर नाचे।













