संत दिग्विजयराम के प्रवेश को लेकर रामस्नेही सम्प्रदाय में विवाद, संत समाज और आचार्य पीठ में मतभेद, फूलडोल महोत्सव के कार्यक्रमों के बहिष्कार की घोषणा

भीलवाड़ा / शाहपुरा । शाहपुरा 260वें फूलडोल महोत्सव (वि.सं. 2082 / ई.सं. 2026) के दौरान रामस्नेही सम्प्रदाय में संत समाज और आचार्य पीठ के बीच गंभीर विवाद सामने आया है। घटनाक्रम को लेकर संतों और आचार्य प्रवर के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद संत समाज ने महोत्सव के कुछ कार्यक्रमों के बहिष्कार का निर्णय लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 फरवरी 2026 को हुए संवाद में आचार्य प्रवर ने चित्तौड़ के व्यवसायी रमेश ईनाणी हत्याकांड के मुख्य आरोपी रामतराम के शिष्य संत दिग्विजयराम को वर्तमान फूलडोल महोत्सव में आने से पाबंद किया था। बताया गया कि संत समाज को दिए गए इस वचन के बावजूद दिग्विजयराम चैत्र कृष्ण तृतीया की प्रातःकालीन बेला में बारहदरी पहुंच गए। वचन भंग होने पर संत समाज ने आचार्य श्री से दिग्विजयराम को यहां से जाने का आदेश देने का आग्रह किया, लेकिन आदेश नहीं दिए जाने पर संत समाज ने लाल चौक में धरना आरम्भ कर दिया। इसके बाद संतों और गृहस्थों के प्रतिनिधिमंडल ने आचार्य श्री से समाधान का निवेदन किया। दिनभर कई दौर की चर्चाओं के बावजूद कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया। अंततः भेख भण्डारी द्वारा सम्प्रदाय के लेटरपेड पर दिग्विजयराम को एक वर्ष के लिए भेख से बाहर करने का निर्णय जारी किया गया। हालांकि दिग्विजयराम के समर्थक कुछ संतों और गृहस्थों ने आचार्य श्री पर दबाव बनाया, जिसके बाद आचार्य श्री ने भेख भण्डारी के निर्णय पर असहमति जताते हुए उसे स्वतः खारिज बताया। इस संबंध में आचार्य श्री के वीडियो भी मीडिया में प्रसारित किए गए। बताया जा रहा है कि इस घटनाक्रम से भेख भण्डारी और भेख भगवान आहत हैं तथा आचार्य पीठ पर भाई-भतीजावाद और हठधर्मिता के आरोपों को लेकर संत समाज में रोष व्याप्त है। इसी के चलते संत समाज ने पंचमी के दिन फूलडोल महोत्सव के मध्याह्न बाद होने वाले कार्यक्रमों के बहिष्कार की घोषणा की है।

संत समाज ने लगाए गंभीर आरोप
संत समाज ने पत्रकार वार्ता में आचार्य श्री रामदयाल महाराज पर संप्रदाय में जातिवाद फैलाने, संप्रदाय की संपत्तियों को बेचने तथा संतों के साथ भेदभाव करने के गंभीर आरोप लगाए। पत्रकार वार्ता में संत सुखराम बाड़मेर, संत संतराम पुष्कर और बड़े साद संत नरपत राम उदयपुर सहित अन्य संतों ने दिग्विजयराम को बर्खास्त करने की मांग करते हुए आचार्य के चातुर्मास सहित आगामी आयोजनों के बहिष्कार की घोषणा की।
*आंसुओं के साथ रामनिवास धाम से विदा हुए संत*
पत्रकार वार्ता के पश्चात 50 से अधिक संतों ने बारहदरी में दंडवत प्रणाम कर भावुक वातावरण में रामनिवास धाम से विदाई ली। संतों ने रोते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की। इस दृश्य को देखकर वहां उपस्थित अनुरागी भी भावुक हो उठे।

पीड़ित परिवार ने आचार्य से मांगा न्याय
चित्तौड़ के व्यवसायी रमेश ईनाणी की हत्या के बाद उनके पुत्र शुभम ईनाणी शाहपुरा स्थित रामनिवास धाम पहुंचे और आचार्य रामदयाल महाराज से भेंट कर न्याय की मांग की। आचार्य ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए आश्वस्त किया कि सम्प्रदाय उनके साथ है।