डेनिम में साड़ी, भीलवाड़ा का नया प्रयोग दिल्ली तक पहुंचा, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नवाचार को सराहा

(पंकज पोरवाल)

टेक्सटाइल विजन 2027 में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने उद्योग का रोडमैप सुना, बोले, 2-3 माह में नई योजनाओं का लाभ मिलना शुरू, टेक्सटाइल एमएसएमई को 70 प्रतिशत मांगें पूरी होने की उम्मीद

नई दिल्ली/भीलवाड़ा।स्मार्ट हलचल।वस्त्रनगरी भीलवाड़ा की डेनिम साड़ी ने दिल्ली के टेक्सटाइल मंच पर अपनी छाप छोड़ी। भीलवाड़ा की उद्यमी पल्लवी लढा द्वारा फाइन काउंट में तैयार इस अनूठी साड़ी के इनोवेशन की केंद्रीय टेक्सटाइल मंत्री गिरिराज सिंह ने सराहना की। मौका था इंडिया हैबिटेट सेंटर में लघु उद्योग भारती के टेक्सटाइल डिवीजन के टेक्सटाइल विजन 2027 कॉन्क्लेव का, जहां देशभर के टेक्सटाइल एमएसएमई उद्यमियों ने उद्योग की चुनौतियों और विकास का रोडमैप सरकार के सामने रखा। मंत्री ने डिवीजन की करीब 70 प्रतिशत मांगों को पूरा करने का प्रयास करने का भरोसा दिया और अगले 2-3 महीनों में नई योजनाओं का लाभ मिलने के संकेत दिए। कॉन्क्लेव में देशभर से पहुंचे टेक्सटाइल एमएसएमई उद्यमियों ने उद्योग की समस्याएं, नीतिगत जरूरतें और विकास का रोडमैप सरकार के सामने रखा। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय टेक्सटाइल मंत्री गिरिराज सिंह ने टेक्सटाइल कमिश्नर वृंदा देसाई, लघु उद्योग भारती टेक्सटाइल डिवीजन के हेड महेश हुरकट सहित राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों की मौजूदगी में दीप प्रज्ज्वलित कर किया। लघु उद्योग भारती टेक्सटाइल डिवीजन के हेड महेश हुरकट ने स्वागत उद्बोधन में देशभर से आए उद्यमियों और पदाधिकारियों का स्वागत किया। उन्होंने टेक्सटाइल एमएसएमई के सामने मौजूद प्रमुख समस्याओं, नीतिगत सुधारों और उद्योग को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए जरूरी कदमों का रोडमैप केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने छोटे एवं मध्यम उद्योगों को मजबूत करने, उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने तथा राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए सरकारी सहयोग की जरूरत बताई। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने टेक्सटाइल डिवीजन की ओर से रखी गई मांगों पर सकारात्मक रुख जताते हुए कहा कि सरकार उद्योग की समस्याओं और सुझावों पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल डिवीजन की करीब 70 प्रतिशत मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने टेक्सटाइल एमएसएमई को अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए सरकार और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री ने टेक्सटाइल सेक्टर के क्मअमसवचउमदज टपेपवद 2047 का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने उद्योग के विकास के लिए व्यापक योजना तैयार की है। योजना का दायरा बड़ा होने के कारण इसके क्रियान्वयन में समय लग रहा है, लेकिन इसके परिणाम आने वाले वर्षों में दिखाई देंगे। उन्होंने कहा कि विजन 2047 के प्रभाव 2030-31 तक दिखने शुरू हो जाएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार छोटे एवं मध्यम उद्योगों को मजबूती देने के लिए लगातार काम कर रही है। मंत्री ने टेक्सटाइल एमएसएमई के लिए आने वाली नई योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सेक्टर को मजबूती देने के लिए कई योजनाएं लॉन्च की जाएंगी। इनका लाभ उद्यमियों को आगामी 2-3 महीनों में मिलना शुरू होने की संभावना है। उन्होंने उद्योग जगत से नई तकनीक, नवाचार और प्रतिस्पर्धा के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। कॉन्क्लेव में टेक्सटाइल उद्योग की जमीनी समस्याओं से लेकर भविष्य की नीतियों, नवाचार, प्रतिस्पर्धात्मकता और वैश्विक बाजार में संभावनाओं पर चर्चा हुई। उद्यमियों ने उम्मीद जताई कि सरकार के नीतिगत सहयोग और नई योजनाओं से टेक्सटाइल एमएसएमई को नई गति मिलेगी।