गंगापुर – क्षेत्र में अवैध खनन माफियाओं के होसले इतने बुलंद हैं कि वन विभाग की भूमि पर अवैध खनन कर खनन माफिया लाखों रुपए का बेश कीमती क्वार्ट्ज पत्थर ले गए। ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत सरगांव की सीमा पर स्थित पहाड़ियों में वन भूमि पर खनन माफिया रात के अंधेरे में व कभी-कभी तो दिनदहाड़े अवैध खनन कर रहे हैं और कीमती क्वार्ट्ज पत्थर लाद कर ट्रैक्टर ले जा रहे हैं। लेकिन वन विभाग की इन माफिया पर नजर नहीं पड़ती। इससे दुनिया की सबसे पुरानी पर्वतमालाओं में से एक अरावली की सहायक पहाड़ियां अपनी पहचान खो रही है। लगातार हो रहे अवैध खनन से अब अरावली की सहायक पहाड़ियों का हिस्सा धीरे-धीरे गायब हो रहा है। इससे वन्यजीव पैंथर, भालू, नीलगाय गांवों की ओर रुख कर रहे हैं। इससे ग्रामीणों व पशुओं का शिकार का खतरा मंडराता नजर आ रहा है। जबकि क्षेत्र में वन संरक्षण के लिए वन संरक्षक लगा रखे हैं। जो विभाग वन्यजीव संरक्षण, वन प्रबंधन और वनीकरण कार्यक्रमों के लिए जिम्मेदार है, इन क्षेत्रों में खनन माफिया वन विभाग के
कर्मचारियों की उदासीनता का फायदा उठा रहे हैं। और वन विभाग की भूमि में अवैध खनन कर रहे हैं। जबकि सरकार की ओर से अवैध खनन रोकने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जा रहे हैं। जिसमें पुलिस, राजस्व और वन विभाग की टीमें शामिल है फिर भी माफिया सक्रिय हैं। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि
सरगांव प्रशासक रामेश्वरलाल जाट ने बताया कि वन विभाग की भूमि मेंसे अवैध खनन किया जा रहा है। इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
क्या कहते हैं वन विभाग के कर्मचारी
वन विभाग के कर्मचारी नारायण सिंह ने बताया कि अवैध खनन की सूचना मिली है। अवैध खनन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।













