मुकेश खटीक
मंगरोप।हमीरगढ़ तहसील क्षेत्र के मंगरोप की झोपड़ियां गांव में स्थित सरकारी नाड़ी पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है।ग्रामीणों का आरोप है कि नाड़ी की भूमि पर कुछ लोगों ने तारबंदी कर बाड़े बना लिए हैं,वहीं कई स्थानों पर पक्के निर्माण कर करीब एक दर्जन से अधिक मकान खड़े कर दिए गए हैं।इस संबंध में ग्रामीणों ने विगत 15 जनवरी बुधवार को हमीरगढ़ तहसीलदार भंवरलाल सेन को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की थी।ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए सोमवार को मंगरोप हल्का पटवारी चन्द्रप्रकाश प्रजापत मय टीम मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया।जांच के दौरान मौके पर चल रहे अवैध निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाया गया।हल्का पटवारी चन्द्रप्रकाश प्रजापत ने बताया कि मौके की स्थिति का अवलोकन कर नियमानुसार “91 की रिपोर्ट” तैयार कर तहसील कार्यालय भिजवा दी गई है।रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तहसील स्तर से की जाएगी।वहीं,नाड़ी पर बसे लोगों का कहना है कि उन्होंने संबंधित प्लॉट विधिवत खरीदे हैं और उनके पास पंचायत द्वारा बनाए गए वैध कागजात भी मौजूद हैं।दूसरी ओर,अन्य ग्रामीणों का कहना है कि यह नाड़ी रियासत काल से ही गांव में मौजूद रही है।उस समय नाड़ी के आसपास स्थित चारागाह भूमि पर मवेशियों का विचरण होता था और यही नाड़ी पशुओं के लिए पानी का एकमात्र प्रमुख स्रोत थी।ग्रामीणों के अनुसार करीब 10 वर्ष पूर्व तक भी मवेशी चरागाह में चरने के बाद यहीं आकर प्यास बुझाते थे।ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही कुछ राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों ने धीरे-धीरे इस नाड़ी पर कब्जा कर लिया और समय के साथ यहां पक्के निर्माण कर मकान व बाड़े बना दिए गए।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पटवारी द्वारा मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य बंद करने की चेतावनी दिए जाने के बावजूद भी निर्माण कार्य जारी है।इससे प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले में सख्त संज्ञान लेकर नाड़ी व चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराए,ताकि सार्वजनिक जलस्रोत और पशुओं के अधिकारों की रक्षा हो सके।













