ओम जैन
शंभूपुरा। स्मार्ट हलचल|लगभग बीते तीन सप्ताह पहले हमारे द्वारा राशमी उपखंड मुख्यालय पर पंचायत समिति से महज तीन सो मीटर की दूरी पर बहने वाली जीवनदायिनी बनास नदी को स्थानीय जनप्रतिनिधि सरपंच ने कचरा डंपिंग ग्राउंड बना कर रख दिया। जानकारी के अनुसार और पटवारी से बात करने पर पता चला कि उक्त भूमि चारागाह भूमि है। जिसका आराजी नम्बर 1600 है। बनास नदी मुहाने की इस चारागाह भूमि पर पंचायत द्वारा अवैध कचरा डंपिंग करने की पुष्टि भी की गई थी। उक्त गोचर भूमि पर अवैध कचरा डंपिंग ग्राउंड, अवैध अतिक्रमण और अवैध निर्माण का वीडियो फोटो मीडिया और सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल होते दिखाई दिए। जिसकी सूचना संबंधित पटवारी, तहसीलदार, उपखंड अधिकारी को 4 जनवरी को दी गई थी, लेकिन राशमी उपखण्ड प्रशाशन हरकत में नहीं आया और कोई कार्यवाही नहीं की गई। सवाल यह है कि जब अवैध गतिविधि का पहले ही खुलासा हो गया था तो समय रहते कार्यवाही क्यों नहीं हुई? अब इस सरकारी गोचर चारागाह भूमि पर हुए अन्याय को न्याय कौन और कैसे दिलाएगा? राशमी पंचायत क्षेत्र का गंदा कचरा, मृत मवेशी जिस भूमि पर डाला जा रहा है, वह सरकारी रिकॉर्ड में आराजी नम्बर 1600 दर्ज होकर गौचर चारागाह भूमि दर्ज है। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि यह वहीं चारागाह भूमि है, जिस पर पंचायत सरपंच, सचिव और अन्य कर्मचारियों, राजनैतिक संरक्षण और आपसी मिलीभगत के चलते उक्त चारागाह भूमि पर कचरा डंपिंग ग्राउंड बनाकर, अवैध अतिक्रमण कर, अवैध निर्माण किया जा रहा है। जिससे राशमी में मातृकुंडिया बांध से बहने वाली बनास नदी भी मैली होती जा रही है।
बनास नदी में चारागाह भूमि पर सड़क-ड्रेनेज, करोड़ों का अवैध सौदा
बनास नदी मुहाने पर सरकारी नदी, चरागाह भूमि पर सड़क और ड्रेनेज डालकर, किनारे पर पूरी पंचायत क्षेत्र का कचरा डंपिंग करके, पहले तारबंदी की गई, सीमेंट के खंभे लगाए गए, नींव खोदकर बजरी का दोहन किया गया, और अब वहां अवैध दीवार बनाकर पक्का निर्माण किया जा रहा है। सूत्रों की माने तो आराजी 1600 के आस पास चारागाह क्षेत्र है जिस पर अन्य कई लोगों ने कब्जा जमाया हुआ है। कॉलोनी और बड़े होटल रेस्टोरेंट बनाए जा रहे है। जिसमें करोड़ों रुपयों के भ्रष्टाचार की बु आ रही है। इसकी समस्त जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को भी है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
अतिरिक्त कलेक्टर और राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायत, कार्रवाई के नाम पर शून्य, उपखंड स्तर के अधिकारीयो के कदम डगमगाए
बनास नदी किनारे चारागाह भूमि पर हुए अवैध निर्माण, अवैध खनन, अवैध कचरा डंपिंग यार्ड को लेकर राजस्थान संपर्क पोर्टल और अतिरिक्त कलेक्टर प्रभा गौतम को शिकायत की गई। कार्यवाही करने को लेकर एसडीएम को जाप्ते के साथ कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए किंतु उपखंड स्तर के अमले ने मौके पर कोई कार्रवाई नहीं की। मौके पर न तो पुलिस बल सक्रिय दिखा और न ही उपखंड अधिकारी निर्णायक रुख अपना सके। अंततः प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई ना करना और राजनैतिक संरक्षण की बदौलत चरागाह भूमि पर अवैध निर्माण ने आग में घी का काम किया और अवैध निर्माण जारी रहा, मानो यू लगा की अतिक्रमी चीख चीख कर कह रहा की करना जो कर लो हमें कोई नहीं रोक सकता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बनास नदी के किनारे चारागाह भूमि पर अतिक्रमण, अवैध निर्माण, गंदगी डालने से बनास नदी मैली हो रही है। गौचर भूमि पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है, लेकिन प्रशासन इस ओर सख्त कदम नहीं उठा रहा है।
चित्तौड़गढ़ NSUI ने चेतावनी देते हुए मांग की है कि बनास नदी किनारे स्थित चरागाह भूमि से अवैध कब्जा तुरंत हटाया जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, अन्यथा व्यापक आंदोलन किया जाएगा।













