शाहपुरा (किशन वैष्णव)। भीम-उनियारा राष्ट्रीय राजमार्ग 148डी पर वर्षों से जमे अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ शनिवार को फुलिया कल प्रशासन एवं एनएचआई ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चला दिया। सरसुंदा चौराहे से लेकर अरवड़ चौराहे तक राष्ट्रीय राजमार्ग की दोनों ओर 15-15 मीटर सीमा के भीतर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और पुलिस की संयुक्त टीम मैदान में उतरी। कार्रवाई का सबसे बड़ा केंद्र नई राज्यास चौराहा रहा,जहां सड़क सीमा में दोनों तरफ स्थापित केबिनों, दुकानों के बाहर बने टीनशेडों, छपरों तथा अन्य अतिक्रमणों पर प्रशासन का पीला पंजा चला।शनिवार सुबह जैसे ही प्रशासनिक अमला,फुलियाकलां पुलिस जाप्ता और एनएचआई की टीम जेसीबी मशीनों के साथ अतिक्रमण हटाने मौके पर पहुंची,अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया।कई लोग आनन-फानन में अपना सामान समेटने में जुट गए,जबकि प्रशासन ने चिन्हित अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। देखते ही देखते वर्षों से सड़क सीमा में जमी केबिनें उखाड़ दी गईं, टीनशेड धराशायी हो गए और अवैध निर्माण मलबे में तब्दील हो गए।कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए और दिनभर क्षेत्र में यही कार्रवाई चर्चा का विषय बनी रही।तहसीलदार रामदेव धाकड़ ने बताया कि जिला कलेक्टर भीलवाड़ा के आदेश एवं उपखंड अधिकारी फुलियाकलां के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा सरसुंदा से अरवड़ तक कुल 45 अतिक्रमण चिन्हित किए गए थे। इनमें केबिनें, दुकानों के बाहर बने टीनशेड, छपरे, अस्थायी ढांचे, पक्के रैंप, सड़क सीमा में लगे प्रचार-प्रसार के बोर्ड, होर्डिंग्स तथा अन्य अवैध निर्माण शामिल थे।
नई राज्यास चौराहे पर सब्जी एवं किराना व्यापारियों द्वारा सड़क सीमा में रखी गई केबिनों को हटाया गया। दुकानों के बाहर वर्षों से बने टीनशेड और छपरों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया।सड़क किनारे बने कार सर्विस सेंटर द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि पर बनाए गए पक्के रैंप और टीनशेड को भी हटाया गया। इसके अलावा पानोतिया चौराहे पर बने स्थाई पक्के विश्रांति ग्रह को भी धराशाही किया एवं अरवड़ चौराहे पर स्थित होटलों, दुकानों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा किए गए अतिक्रमणों को प्रशासन द्वारा राज्यास और पनोतिया में की गई कार्यवाही के दौरान स्वयं अतिक्रमणकारियों ने हटाने का काम शुरू कर दिया तथा कुछ प्रशासन ने हटवाया।साथ ही सड़क सीमा में लगे विभिन्न संस्थानों और प्रतिष्ठानों के विज्ञापन बोर्ड एवं होर्डिंग्स को भी हटाकर राजमार्ग को साफ कराया गया।
छह माह में कई बार नोटिस, फिर भी नहीं हटाया अतिक्रमण
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के कोटा अधीक्षण अभियंता गोविंद सिंह पंवार ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा पिछले करीब छह माह के दौरान कई बार नोटिस जारी कर अतिक्रमणकारियों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। बार-बार चेतावनी और समझाइश के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए गए। इसके बाद एनएचआई ने अंतिम नोटिस जारी कर पांच दिन की मोहलत दी थी।नोटिस में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई थी कि निर्धारित अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा अतिक्रमण हटाने में आने वाला पूरा खर्च भी संबंधित अतिक्रमणकर्ता से वसूला जाएगा। इसके बावजूद अतिक्रमण यथावत बने रहने पर प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी।
सड़क सुरक्षा और यात्रियों की जान बचाने के लिए जरूरी थी कार्रवाई
तहसीलदार रामदेव धाकड़ ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि पर किए गए अतिक्रमण सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन रहे थे। कई स्थानों पर अतिक्रमण के कारण वाहन चालकों की दृश्यता प्रभावित हो रही थी,जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी। अतिक्रमणकारियों को पर्याप्त समय और कई अवसर दिए गए,लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा।राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कोटा के अधीक्षण अभियंता गोविंद सिंह पंवार ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग लाखों लोगों की आवाजाही का प्रमुख माध्यम है और सड़क सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। राजमार्ग सीमा में किए गए अतिक्रमण यातायात संचालन में बाधा उत्पन्न करने के साथ दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकते हैं।उन्होंने कहा कि राजमार्ग पर अतिक्रमण किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हजारों यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है और सड़क सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
अभियान के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कोटा के अधीक्षण अभियंता गोविंद सिंह पंवार सहित एनएचआई की टीम मौके पर मौजूद रही। वहीं तहसीलदार रामदेव धाकड़,भू-अभिलेख निरीक्षक मुकेश कुमार,पटवारी राजेंद्र वैष्णव,फुलियाकलां पुलिस जाप्ता, राजस्व विभाग के कार्मिक तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी कार्रवाई में तैनात रहे।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि पर दोबारा अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि अतिक्रमण हटने से राजमार्ग की दृश्यता बेहतर होगी, यातायात अधिक सुगम बनेगा और सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाओं में कमी आएगी।
