Homeराज्यमीणा बोले—सौराष्ट्र–कच्छ को बनाएंगे बागवानी निर्यात का हब

मीणा बोले—सौराष्ट्र–कच्छ को बनाएंगे बागवानी निर्यात का हब

राकेश मीणा

राजकोट (गुजरात)।स्मार्ट हलचल| गुजरात के राजकोट में 11 व 12 जनवरी 2026 को आयोजित दो दिवसीय समिट में कृषि और निर्यात क्षेत्र की संभावनाओं पर गहन मंथन हुआ। समिट में गुजरात सरकार के कृषि एवं सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव IAS रमेश चंद मीना ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता* सौराष्ट्र–कच्छ क्षेत्र को बागवानी निर्यात का बड़ा केंद्र (हब) बनाने की है। इसके लिए उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक किसानों को जोड़ा जाएगा।*
समिट के दौरान दो संवादात्मक सेमिनारों का आयोजन किया गया। पहले सेमिनार में तिलहन फसलों के उत्पादन, गुणवत्ता सुधार और निर्यात अवसरों पर चर्चा की गई, जबकि दूसरे सेमिनार में सौराष्ट्र–कच्छ क्षेत्र में बागवानी फसलों के निर्यात की संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। सेमिनारों में कृषि वैज्ञानिकों, निर्यातकों, उद्यमियों, सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों और किसानों ने सक्रिय भागीदारी की।
तिलहन और बागवानी से किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
प्रमुख सचिव मीणा ने कहा कि गुजरात तिलहन उत्पादन में अग्रणी राज्यों में शामिल है, लेकिन अब आवश्यकता मूल्य संवर्धन और निर्यात पर अधिक ध्यान देने की है। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज, वैज्ञानिक खेती और पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट को अपनाकर किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।
उन्होंने सौराष्ट्र और कच्छ की जलवायु को बागवानी के लिए अनुकूल बताते हुए कहा कि यहां के फल और सब्जियां वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखती हैं। किसानों को निर्यात मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग और कोल्ड चेन की जानकारी देकर अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ा जाएगा।
विभागीय प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्र
समिट में कृषि, किसान कल्याण एवं सहकारिता विभाग की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी में राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाएं, सहकारी मॉडल, आधुनिक कृषि यंत्र, जैविक खेती, स्टार्टअप्स और निर्यात को प्रोत्साहित करने वाली पहलें प्रदर्शित की गईं। बड़ी संख्या में किसानों और आगंतुकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी ली।
निर्यात को मिलेगी नई दिशा
वक्ताओं ने कहा कि इस तरह के आयोजन किसानों, नीति निर्माताओं और निर्यातकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करते हैं। इससे न केवल समस्याओं का समाधान निकलता है, बल्कि कृषि और बागवानी उत्पादों के निर्यात को नई दिशा भी मिलती है। समिट के माध्यम से निवेश, नवाचार और सहकारिता को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।
समापन सत्र में प्रतिभागियों ने कहा कि यदि सरकार, किसान और निजी क्षेत्र मिलकर कार्य करें, तो गुजरात को देश के अग्रणी कृषि एवं बागवानी निर्यात राज्यों में शामिल किया जा सकता है। समिट से निकले सुझावों को नीतिगत स्तर पर लागू करने की आवश्यकता जताई गई।

स्मार्ट हलचल न्यूज़ पेपर 31 जनवरी 2025, Smart Halchal News Paper 31 January 2025
स्मार्ट हलचल न्यूज़ पेपर 31 जनवरी 2025, Smart Halchal News Paper 31 January 2025
news paper logo
RELATED ARTICLES