बानसूर।स्मार्ट हलचल|मनरेगा बचाओ महासंग्राम अभियान के तहत मंगलवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री शकुंतला रावत ग्राम पंचायत हाजीपुर पहुंचीं, जहां उन्होंने नरेगा कर्मियों और ग्रामीणों से संवाद कर मनरेगा में किए गए बदलावों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान रावत ने काम की गारंटी, मजदूरी की गारंटी, जवाबदेही की गारंटी सुनिश्चित करने, मनरेगा में किए गए सभी बदलावों की तत्काल वापसी, काम के संवैधानिक अधिकार की पूर्ण बहाली तथा नरेगा कर्मियों का न्यूनतम वेतन 400 रुपये प्रतिदिन करने की मांग उठाई। पूर्व मंत्री ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि मनरेगा का नाम बदलना, महात्मा गांधी का नाम हटाने का प्रयास और योजना के स्वरूप में बदलाव गरीब, मजदूर और ग्रामीण भारत के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि मनरेगा सिर्फ रोजगार योजना नहीं, बल्कि गरीबों के सम्मान और आजीविका की गारंटी है, जिसे कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। इस अवसर पर विधानसभा प्रभारी श्रीराम गुर्जर, सीमांत पटेल, रामसिंह कटारिया, रतन टेलर, फूलचंद सैनी, राजू स्वामी, देवाराम ठेकेदार, पूर्व सरपंच सुरज्ञानी सहित बड़ी संख्या में नरेगा कर्मी और ग्रामीण मौजूद रहे।


