भीलवाड़ा । हमीरगढ़ उपखण्ड के ग्राम भैंसाकुण्डल उच्च माध्यमिक विद्यालय की जर्जर स्थिति व स्टाफ की भारी कमी के कारण ग्राम भैंसाकुण्डल स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय वर्तमान में केवल नाम मात्र का विद्यालय बनकर रह गया है। विद्यालय में न तो पर्याप्त कक्षा कक्ष उपलब्ध हैं और न ही विषयानुसार योग्य शिक्षकों की नियुक्ति है। विद्यालय की पुरानी भवन संरचना पूरी तरह जर्जर एवं उपयोग के योग्य नहीं रही, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा पर भी खतरा बना हुआ है। इस गंभीर स्थिति की सूचना लगभग एक वर्ष पूर्व शिक्षा विभाग को दी जा चुकी है, किंतु आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वर्तमान हालात यह हैं कि कक्षा 2, 4, 6 व 7 के विद्यार्थियों को एक ही कक्षा में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है, जिससे न तो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव है और न ही शिक्षा के उद्देश्य की पूर्ति हो पा रही है। यह स्थिति शिक्षा के विकास के दावों पर प्रश्नचिह्न लगाती है। इसी कारण समस्त ग्रामवासियों ने विद्यालय का निरीक्षण किया और सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस गंभीर समस्या से सरकार एवं शिक्षा विभाग को पुनः अवगत कराया जाए । ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है की नए निर्माण करवाए, विद्यालय हेतु नया भवन/अतिरिक्त कक्षाओं का निर्माण कराया जाए। पर्याप्त संख्या में शिक्षक शीघ्र नियुक्त किए जाएँ। विद्यार्थियों की शिक्षा एवं सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। यदि शीघ्र ही समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो समस्त ग्रामवासी मजबूरन विद्यालय को पूर्ण रूप से बंद करने का निर्णय लेने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।













