गांधीग्राम रोड विज्ञान नगर के पीछे शिवा चक भूमि पर भू माफियाओं ने किया कब्जा शिवा चक भूमि करोड़ो की बताई जा रही है

शहर में स्थित शिवाचक भूमि के मामले में तहसील कार्यालय की भूमि संदिग्ध नजर आ रही है।

स्मार्ट हलचल, राजकुमार राठौड़
बूंंदी-गांधीग्राम रोड पर विज्ञान नगर से सटी हुई शिवा चक भूमि पर भू माफियाओं द्वारा लगभग 2 बीघा भूमि पर किया कब्जा यह शिवाचक भूमि करोड़ों रुपए की बताई जा रही है जिस पर किसी ने बाउंड्री वाल बना ली है तो किसी ने कमरे खड़े कर लिए हैं बाजार दर से इस भूमि की कीमत इस समय करोड़ों रुपए आंकी जा रही है।

जानकारी ली तो पता चला कि इस भूमि के पास लगभग कब्जा शुदा भूमि का चौथाई हिस्सा कृषि भूमि का है जो लीगल बताया जा रहा है।

भूमाफिया द्वारा लीगल कृषि भूमि क्रय की जा कर उसके पास स्थित लगभग 2 बीघा भूमि जो सिवाचक है उस पर भी कब्जा कर लिया , और अब उस सिवायचक भूमि पर भूखंड काटने की तैयारी जोर शोर से चल रही है। वैसे भी बूंदी का तहसील विभाग सोया हुआ है काफी झंझोंड़ने के बाद भी नहीं जागा है। अहीर समाज द्वारा तो यहां पर समाज के नाम पर एक बहुत बड़ा भवन ही बना लिया। लेकिन प्रशासन चाहे तो क्या कुछ नहीं कर सकता। लेकिन प्रशासन अभी कुंभकरण की नींद में सोया हुआ है। जिला तहसील प्रशासन चाहे तो उक्त भूमि से अतिक्रमण हटाकर लगभग एक करोड़ की भूमि नगर परिषद को दे सकता है।

नाम नहीं छापने की शर्त पर वही के स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि इस भूमि पर किसी कांग्रेसी नेता ने कब्जा किया है जो जनता की निगाह में गांधीवादी है उसके अलावा इसमें दो तीन पार्टनर और भी है क्योंकि वह गांधीवादी नेता तो सामने आएगा नहीं इसीलिए भूखंड काटने के लिए उसने दो तीन पार्टनर और बना लिए हैं जिन्होंने अब भूखंड काटकर बेचने की पूरी तैयारी कर ली है।

तहसील प्रशासन इस भूमि पर कुछ नहीं कर पाएगा यह सोच कर ही इस पर भूखंड काटने की तैयारी की जा रही है। करोड़ों रुपयों की भूमि पर भू माफिया और सफेद पोश कांग्रेस नेता कब्जा कर रहे हैं और जिला प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है जिससे ऐसा लगता है कि या तो प्रशासन की इसमे मोंन स्वीकृति है या प्रशासन इन भू माफियाओं से मिला हुआ है।

मेरी जानकारी में नहीं है कल और कानून को और पटवारी को भेजकर दीखवाता हु ,उसके बाद ही बता पाऊंगा स्थिति क्या है।
लक्ष्मी नारायण प्रजापत
जिला तहसीलदार

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