6 साल पहले लापता बच्चे के कंकाल की तलाश जारी

GPR मशीन से मिला जमीन में कुछ होने का सुराग, पुलिस ने जगह मार्क की, फिलहाल खुदाई बंद

स्मार्ट हलचल|दौसा जिले के बांदीकुई थाना क्षेत्र में छह साल पहले लापता हुए 4 साल के बच्चे के कंकाल की तलाश में चल रही जांच में शुक्रवार को अहम संकेत मिले हैं। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर जीपीआर (ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार) मशीन ने दो स्थान चिन्हित किए हैं, जहां करीब ढाई मीटर गहराई में कुछ दबे होने के संकेत मिले हैं। फिलहाल दोपहर में जांच कार्य बंद कर मशीन को जयपुर ले जाया गया। अब चिन्हित स्थानों पर आगे की खुदाई की जाएगी।

कब-कब हुई खुदाई

पहले दिन 19 फरवरी को दोपहर 1 से शाम 7 बजे तक यहां खुदाई चलती रही। इस दौरान महिला सेल के एडिशनल एसपी योगेंद्र फौजदार मौजूद रहे।

इसके बाद 25 फरवरी को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक खुदाई कार्य चला। इस दौरान थाना प्रभारी जहीर अब्बास मौजूद रहे।

26 फरवरी को दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक खुदाई कार्य चला। गुरुवार को जीपीआर मशीन नहीं आने पर एक घंटे बाद खुदाई बंद कर दी गई। इसके बाद 27 फरवरी को सुबह 11 बजे जीपीआर मशीन जांच के लिए पहुंची और एक्सप्रेसवे के उस पॉइंट पर स्कैनिंग की गई, जिसके नीचे बच्चे को गाड़े जाने की आशंका जताई गई है।

साल 2020 में लापता हुआ था बच्चा

यह मामला ऊंनबड़ा गांव के पास एक ढाणी का है, जहां 16 अगस्त 2020 को सुबह 10 बजे चार साल का बच्चा घर के आंगन से अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने अगले दिन बांदीकुई पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। मामला हाईकोर्ट तक भी पहुंचा था।

करीब एक महीने पहले महिला सेल दौसा के एएसपी योगेंद्र फौजदार ने मामले की जांच के दौरान पड़ोस में रहने वाले एक युवक को चिह्नित किया। युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने पुरानी रंजिश के चलते बच्चे की हत्या कर शव को ढाणी से करीब 500 मीटर दूर निर्माणाधीन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के नीचे दबाने की बात कबूल की। उस समय एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य चल रहा था और अब वहां करीब 12 फीट ऊंचा एक्सप्रेसवे बन चुका है।

आरोपी रिमांड पर

इस मामले में पुलिस ने हिरासत में लिए गए युवक और उसकी बहन को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पुलिस रिमांड पर हैं। थाना प्रभारी जहीर अब्बास ने बताया कि दोनों से पूछताछ जारी है और पूरी जानकारी मिलने के बाद ही मामले का खुलासा किया जाएगा