नेत्रदान, नेत्र चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा, जनजागरूकता एवं समाजसेवा में दीर्घकालीन उल्लेखनीय योगदान के लिए जिला प्रशासन ने प्रदान किया प्रशस्ति पत्र
कोटा। स्मार्ट हलचल|80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन, कोटा की ओर से सुवि नेत्र चिकित्सालय एवं लेसिक लेज़र सेंटर, कोटा के निदेशक एवं वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. सुरेश कुमार पाण्डेय को नेत्र चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा, जनजागरूकता एवं समाजसेवा के क्षेत्र में दीर्घकालीन एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर, संभागीय आयुक्त श्री अनिल कुमार अग्रवाल, जिला कलेक्टर श्री पीयूष समारिया तथा पुलिस महानिरीक्षक, कोटा रेंज श्री हरेन्द्र कुमार महावर की गरिमामयी उपस्थिति में प्रदान किया गया।
डॉ. पाण्डेय पिछले तीन दशकों से नेत्र चिकित्सा, नेत्र शल्य चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा, युवा नेत्र चिकित्सकों के प्रशिक्षण, जनस्वास्थ्य जागरूकता एवं समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्हें एक लाख से अधिक नेत्र शल्य चिकित्साएं करने तथा 20 लाख से अधिक रोगियों के उपचार का व्यापक अनुभव है। आधुनिक नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ उनका विशेष प्रयास रहा है कि नेत्र रोगों की रोकथाम, समय पर पहचान एवं उपचार से संबंधित जानकारी समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे।
वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक के साथ डॉ. पाण्डेय लेखक, प्रेरक वक्ता एवं समाजसेवी के रूप में भी सक्रिय हैं। स्वास्थ्य जागरूकता, युवा प्रेरणा, सकारात्मक जीवनशैली एवं राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर वे निरंतर लेखन और संवाद करते हैं। उनकी प्रमुख पुस्तकों में ‘ज़िंदगी का जश्न: सुखद, सफल और सार्थक जीवन के 101 सुनहरे सूत्र’, ‘ऑपरेशन महाशक्ति भारत 2047’ तथा ‘डायरी ऑफ एन आई सर्जन’ सहित अनेक पुस्तकें शामिल हैं। समाचार पत्रों, डिजिटल माध्यमों, व्याख्यानों एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से भी वे स्वास्थ्य एवं सामाजिक विषयों पर व्यापक जनसंवाद करते रहे हैं।
नेत्रदान एवं कॉर्नियल ब्लाइंडनेस की रोकथाम डॉ. पाण्डेय के जनजागरूकता अभियानों का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। वे लोगों को मृत्यु के बाद नेत्रदान के लिए प्रेरित करने तथा कॉर्नियल दृष्टिहीनता से जूझ रहे रोगियों के जीवन में फिर से रोशनी लाने के उद्देश्य से निरंतर जागरूकता अभियान चलाते रहे हैं। बच्चों, विद्यार्थियों एवं वरिष्ठ नागरिकों में नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ वे कोटा के विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं में निःशुल्क नेत्र स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से भी योगदान देते रहे हैं।
नेत्र चिकित्सा सेवा के साथ-साथ डॉ. पाण्डेय ने चिकित्सा शिक्षा एवं युवा चिकित्सकों के प्रशिक्षण में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। सुवि नेत्र चिकित्सालय, कोटा में विगत लगभग दो दशकों के दौरान देश-विदेश से आए 100 से अधिक युवा नेत्र चिकित्सकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के विभिन्न नेत्र चिकित्सा सम्मेलनों, वैज्ञानिक सत्रों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नियमित रूप से अपने अनुभव और ज्ञान को साझा करते रहे हैं।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. सुरेश कुमार पाण्डेय ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि सुवि नेत्र चिकित्सालय की पूरी टीम, सहयोगी चिकित्सकों, कर्मचारियों, मरीजों, शुभचिंतकों और उन सभी लोगों का सम्मान है, जिन्होंने वर्षों से सेवा के इस सफर में उनका साथ दिया है।
