शाहपुरा के सेटेलाइट हॉस्पिटल को लक्ष्य योजना में मिला सर्टिफिकेट,स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने जारी किया

सेटेलाइट हॉस्पिटल को अब तीन वर्ष तक प्रतिवर्ष मिलेगा तीन लाख रू का नकद पारितोषिक

शाहपुरा – मूलचन्द पेसवानी
भारत सरकार द्वारा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से प्रांरभ की गयी लक्ष्य योजना में निर्धारित मानकों में शाहपुरा का सेटेलाइट हॉस्पिटल खरा उतरा है। केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अपर सचिव व मिशन निदेशक वन्दना गुरनानी ने इस आशय का प्रमाणपत्र जारी किया है।
वीओ – 01 – प्रदेश में सेटेलाइट हॉस्पिटल केटेगरी के अलावा जिले के चिकित्सालयों में शाहपुरा का प्रथम स्थान है। अब हॉस्पिटल को तीन लाख रू का नकद पारितोषिक तीन वर्ष तक प्रतिवर्ष मिलेगा। सेटेलाइट हॉस्पिटल के पीएमओ डा. अशोक जैन ने बताया कि केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अपर सचिव व मिशन निदेशक वन्दना गुरनानी के पत्र प्राप्त होने के बाद समूचे चिकित्सालय स्टाफ में हर्ष फैल गया है। इस योजना के जिला नोडल अधिकारी डॉ. सीपी गोस्वामी ने बताया कि जिला मुख्यालय के चिकित्सालय का प्रमाणीकरण भी इस योजना में अब होगा। शाहपुरा में बेहतरीन सेवाओं के फलस्वरूप यह प्रमाण पत्र मिलने से समूचे जिले के चिकित्सा विभाग को गौरव मिला है।
लक्ष्य योजना के तहत प्रसव कक्ष एवं ऑपरेशन थियेटर में प्रसूता को आधुनिक तरीक़े वाली सुख सुविधाएं दी जाती हैं। ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके। पिछले दिनों लक्ष्य टीम द्वारा यहां का निरीक्षण किया गया था, उसी आधार पर रेकिंग निकाल कर यह प्रमाण पत्र जारी हुआ है। वर्तमान में अस्पताल के प्रसव कक्ष व ऑपरेशन थियेटर में आधुनिक उपकरणों की सुविधाओं के साथ-साथ प्रसव से जुड़ी हुई नई-नई तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही जच्चा व बच्चा का पूरा ध्यान रखा जाता हैं।
वैश्विक महामारी कोविड-19 संक्रमण काल के दौरान मरीजों का सबसे ज्यादा रुझान ग्रामीण स्तर के अस्पतालों के प्रति बढ़ा है। क्योंकि अस्पताल के चिकित्सक, नर्स व कर्मचारियों का उत्तम व्यवहार व निःशुल्क उपचार किया जाता है। राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध तो है ही लेकिन इसके बावजूद लक्ष्य कार्यक्रम के तहत इसे जोड़ना महत्वपूर्ण माना जाता हैं। इसका मूल उद्देश्य यह होता है कि प्रसूति विभाग से संबंधित सभी तरह की सुविधाओं को सुदृढ़ बनाना और इससे जुड़ी हुई सेवाओं की गुणवत्ता में पहले की अपेक्षा सुधार लाना होता है। मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, प्रसव के बाद जच्चा बच्चा को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिहाज से लक्ष्य प्रमाणीकरण बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है।
प्रसव कक्ष को बेहतर करने के उद्देश्य से लक्ष्य प्रमाणीकरण के लिए अलग से व्यवस्था
लक्ष्य योजना के तहत भारत सरकार द्वारा प्रसव कक्ष व ऑपरेशन थियेटर को बेहतर करने के उद्देश्य से इसे प्रमाणीकरण किया गया है। जो मानक स्तर पर प्रसव से संबंधित सभी तरह की सुख सुविधाएं उपलब्ध कराने के बाद उपलब्ध कराई जा रही है।
अस्पताल में संस्थागत और सुरक्षित प्रसव को लेकर कई तरह के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्रसव से जुड़ी हुई सेवाओं को पहले से और बेहतर किया जा रहा है। नई नई तकनीक वाली मशीनें उपलब्ध हैं। जिससे इलाज के दौरान दूसरे अस्पताल से वरिष्ठ चिकित्सक से सलाह ली जाती है। विरले मामले में ही मरीज को रेफर करना है ऐसी व्यवस्था की जाती है।
लक्ष्य योजना में प्रमाणीकरण से पूर्व लेबर रूम की आधारभूत संरचना, प्रोटोकॉल के आधार पर साफ-सफाई, स्वच्छता की व्यवस्था के अलावा ट्रे, रजिस्टर व संधारण, डुकोमेंटेशन, सम्मानपूर्वक मातृत्व देखभाल, हाइजीन स्टूमेंट्स, अल्पवजन वाले शिशु का देखभाल व रेफर,रेकॉर्ड आदि बिंदुओं पर बारीकी से गहन किया जाता है। लेबर रूम एवं ओटी में दी जा रही स्वाास्थ्य सेवा व सुविधा को और बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा।
लक्ष्य कार्यक्रम का मूल उद्देश्य है कि सेटेलाइट हॉस्पिटल में महिला एवं प्रसूति विभाग से संबंधित सभी तरह की सुविधाओं को सुदृढ़ बनाना और इससे जुड़ी हुई स्वाास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाकर आधुनिक एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध किया जा सके। उसके अलावा मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, प्रसव के बाद जच्च बच्चा को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिहाज से लक्ष्य प्रमाणीकरण बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा लक्ष्य कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है।

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