भीलवाड़ा । शहर की सड़कों पर बेसहारा पशुओं का बढ़ता आतंक एक बार फिर लोगों के लिए जानलेवा साबित हुआ है। शहर में दो सांडों की आपसी लड़ाई के दौरान एक मासूम बच्चा उनकी चपेट में आ गया। घटना के बाद मौके पर खलबली मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत साहस दिखाते हुए बच्चे को सांडों से बचाया और अपने स्तर पर ही प्राथमिक उपचार किया । लेकिन इस घटना के बाद एक बार फिर शहर में बेसहारा सांडों और पशुओं की समस्या को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर में लगभग रोजाना सांडों की लड़ाई, राहगीरों पर हमले और सड़क हादसों की खबरें सामने आती हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पाया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सबसे ज्यादा खतरा बच्चों,बुजुर्गों और महिलाओं को रहता है। स्कूल हो बाजार हो या मुख्य सड़क हो वहां बेसहारा पशु खुलेआम घूमते हैं ओर सांड ऐसे स्थान पर कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। कई बार स्थानीय लोगों ने शिकायत की बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। शहरवासियों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि पशुओं के लिए प्रभावी प्रबंधन, सुरक्षित संरक्षण और उन्हें शहर की सड़कों से हटाने के लिए तत्काल ठोस एवं स्थायी कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस मासूम के साथ हुए हादसे के बाद प्रशासन जागता है या फिर किसी और बड़ी घटना का इंतजार किया जाएगा।
