अलकेश पारीक
शक्करगढ़/जहाजपुर|स्मार्ट हलचल। सरकारी जमीनों पर अतिक्रमणकारियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका जीता-जागता उदाहरण ग्राम पंचायत शक्करगढ़ में देखने को मिल रहा है। यहां जिस जगह पर कभी गरीबों का पेट भरने वाली ‘अन्नपूर्णा रसोई’ (पूर्व में इंदिरा रसोई) संचालित होती थी, आज उस सरकारी जमीन पर अवैध रूप से पक्का चबूतरा तान दिया गया है। पंचायत प्रशासन इस अतिक्रमण को हटाने के लिए दो बार पुलिस जाब्ते की मांग कर चुका है, लेकिन प्रशासन की ढिलाई के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
रसोई हटी तो बना लिया मकान का रास्ता, SDM से गुहार
जानकारी के अनुसार, पूर्व में जिस स्थान पर इंदिरा रसोई चल रही थी, उसे प्रशासन ने अवैध बताकर हटा दिया था। इसके बाद गांव के ही एक व्यक्ति प्रेमशंकर शर्मा ने उस सरकारी जमीन पर कब्जा जमा लिया। अतिक्रमणकारी ने वहां पक्का चबूतरा बनाने के साथ ही अपने मकान का रास्ता भी निकाल लिया। निर्मल ग्राम पंचायत शक्करगढ़ ने उपखण्ड अधिकारी (SDM) को पत्र लिखकर इस पक्के अतिक्रमण को हटाने की गुहार लगाई है।
6 मई को आर-पार की जंग, उठ रहे बड़े सवाल
पंचायत प्रशासन ने अब 06 मई 2026 को फिर से अतिक्रमण हटाने की रणनीति बनाई है। ग्राम विकास अधिकारी और सरपंच (प्रशासक) मनभर देवी ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस बल के बिना जमीन को कब्जामुक्त कराना मुश्किल है। इस मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं:
- क्या सरकारी रसोइयों की जमीन अब निजी चबूतरे बनाने के काम आएगी?
- दो बार मांग के बावजूद पुलिस बल उपलब्ध न होना क्या किसी मिलीभगत का संकेत है?
- क्या 6 मई को प्रशासन का बुलडोजर चलेगा या फिर ‘जाब्ते का अभाव’ बताकर अतिक्रमणकारी को अभयदान मिलेगा?Shakargarh: Illegal occupation of Annapurna Kitchen land
