भीलवाड़ा: शम्भूगढ़ पुलिस का बड़ा धमाका, दिनदहाड़े सूने मकानों को निशाना बनाने वाली गैंग का पर्दाफाश
ब्यावर के दो शातिर चोर गिरफ्तार, लाखों के जेवर पार करने की वारदात कबूली, चोरी की बाइक भी जब्त
शम्भूगढ़/भीलवाड़ा (ब्यूरो रिपोर्ट) | जिले की शम्भूगढ़ थाना पुलिस ने चोरी और नकबजनी की वारदातों पर अंकुश लगाते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने दिन के समय सूने मकानों की रेकी कर ताले तोड़ने वाली शातिर गैंग का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है, जो भीलवाड़ा शहर से चुराई गई थी।
क्या था पूरा मामला?
घटनाक्रम के अनुसार, 1 जनवरी 2026 को जालमपुरा निवासी गोपाल लाल जाट ने शम्भूगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 को वह अपने खेत पर गया हुआ था और उसकी पत्नी बाड़े (नोहरे) में काम कर रही थी।
इसी दौरान दोपहर 11 से 1 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने उसके सूने मकान का फायदा उठाया। चोरों ने कमरे और अलमारी का ताला तोड़कर वहां रखे लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर (जिसमें 4 तोला सोने का नेकलेस, रखड़ी, मांदलिया, झूमरियां आदि शामिल थे) और 45,000 रुपये नकद चोरी कर लिए।
जिला पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह के निर्देश पर थानाधिकारी ओमप्रकाश कासनिया के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल के आसपास के CCTV फुटेज खंगाले और BTS (मोबाइल लोकेशन) का तकनीकी विश्लेषण किया। हुलिए और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ब्यावर जिले के बिजयनगर तक पहुंची और आरोपियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने कड़ी पूछताछ के बाद निम्नलिखित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो ब्यावर जिले के रहने वाले हैं:
- अभिषेक शर्मा (22) पुत्र बाबूलाल, निवासी जालिया द्वितीय, थाना बिजयनगर।
- कैलाश शर्मा (30) पुत्र कन्हैयालाल, निवासी जालिया द्वितीय, थाना बिजयनगर।
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने जिस मोटरसाइकिल का उपयोग वारदात में किया था, वह भी कोतवाली थाना क्षेत्र (भीलवाड़ा) से चुराई गई थी।
पुराने अपराधी हैं दोनों चोर
पुलिस जांच में दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है।
- अभिषेक शर्मा: इसके खिलाफ गुलाबपुरा थाने में मारपीट और आर्म्स एक्ट (हथियार रखने) के मामले दर्ज हैं।
- कैलाश शर्मा: यह शातिर बदमाश है। इसके खिलाफ 2015 से मामले दर्ज हैं। भीलवाड़ा कोतवाली और बिजयनगर थाने में चोरी और मारपीट के मुकदमे पहले से चल रहे हैं।
सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम:
इस खुलासे में थानाधिकारी ओमप्रकाश कासनिया, हेड कांस्टेबल सत्यनारायण, कांस्टेबल चेतनराम व अमरचंद (विशेष भूमिका), भंवरलाल, मनोहरलाल, रोनित, कौशलेन्द्र, हिन्दुलाल और केसाराम शामिल रहे।


