शाहपुरा@ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने की दिशा में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तहनाल में आयोजित चतुर्थ क्लस्टर कार्यशाला एक सार्थक शैक्षणिक संवाद के रूप में सामने आई। कार्यशाला में पीईईओ तहनाल, बिलिया, बोरड़ा बावरियान एवं खामोर सहित क्षेत्र के हिंदी एवं पर्यावरण विषय कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों ने सहभागिता की।कार्यशाला के मुख्य संदर्भ व्यक्ति हनुमान प्रसाद शर्मा ने हिंदी भाषा शिक्षण की बारीकियों को व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए गतिविधि आधारित एवं रचनात्मक शिक्षण पद्धतियों पर जोर दिया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण में शिक्षा की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने की आवश्यकता बताई।
एक दिवसीय इस कार्यशाला में कुल 36 शिक्षकों ने पंजीकरण कर सक्रिय सहभागिता निभाई। संवाद और विचार विमर्श के दौरान शिक्षकों ने अपने-अपने विद्यालयों के अनुभव,चुनौतियां एवं नवाचार साझा किए, जिससे कार्यशाला एक जीवंत शैक्षणिक मंच में परिवर्तित हो गई।कार्यशाला में शिक्षक कल्याण कुमावत, प्रेमचंद रेगर,संजू पाराशर, रेखा गौड़, भगवान लाल गोस्वामी, नैनिका जैन, गोविंदा कुमारी, देवकिशन तेली,अमित सोनी,राकेश सहित अनेक अध्यापक उपस्थित रहे।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के शैक्षणिक कौशल को सुदृढ़ करना, शिक्षण प्रक्रिया में नवाचार को बढ़ावा देना तथा शिक्षा को सामाजिक व पर्यावरणीय सरोकारों से जोड़ना रहा। समापन अवसर पर विद्यालय प्रशासन ने सभी संभागियों एवं संदर्भ व्यक्ति का आभार व्यक्त किया।


