शोक्या खेड़ा बना धर्मनगरी: 1111 कलशों की गर्जना के साथ निकली आस्था की ऐतिहासिक यात्रा, जय श्रीराम के जयघोषों से कांपा पूरा क्षेत्र

लाल धागे सरकार महंत चन्द्रप्रकाश जी महाराज ने दिखाई हरी झंडी, भक्ति की लहर में उमड़ा जनसैलाब

दिलखुश मोटीस

सावर(अजमेर)@स्मार्ट हलचल|शोक्या खेड़ा की पावन धरा गुरुवार को सनातन शक्ति, आस्था और भक्ति के विराट महासागर में डूबती नजर आई, जब प्राचीन श्री सागर के हनुमान मंदिर परिसर में विशाल नौ कुण्डीय सप्त दिवसीय महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। चारभुजा मंदिर से निकली 1111 कलशों की ऐतिहासिक यात्रा ने पूरे क्षेत्र को धर्ममय बना दिया। जहां नजर गई वहां भगवा रंग, जय श्रीराम के गगनभेदी जयकारे और श्रद्धालुओं का अपार उत्साह दिखाई दिया।
रामप्रिय दास जी महाराज के सानिध्य में शुरू हुए इस महायज्ञ में हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच यज्ञाचार्य पंडित राजेन्द्र प्रसाद शास्त्री ने विधिवत कलश पूजन करवाया। इसके बाद लाल धागे सरकार महंत चन्द्रप्रकाश जी महाराज ने हरी झंडी दिखाकर भव्य कलश यात्रा को रवाना किया। जैसे ही यात्रा आगे बढ़ी, पूरा क्षेत्र “जय श्री राम” और “बोलो पवनपुत्र हनुमान की जय” के नारों से गूंज उठा।
प्रेरक पुजारी सत्यनारायण वैष्णव ने श्रीमद्भगवद्गीता को सिर पर धारण कर नगर भ्रमण किया, जिसने श्रद्धालुओं में अलग ही जोश भर दिया। महिलाएं सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाती हुई चल रही थीं, वहीं युवा ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते नजर आए। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक हर कोई भक्ति रंग में रंगा दिखाई दिया।
कलश यात्रा में शामिल सजी-धजी बग्घियां, बैण्ड-बाजे और आकर्षक धार्मिक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। बैवाण में विराजित ठाकुर जी महाराज एवं श्री हनुमानजी की दिव्य तस्वीरों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में होड़ सी मच गई। यात्रा चारभुजा मंदिर से रवाना होकर गोपालपुरा, चौकी का झोपड़ा होते हुए श्री सागर के हनुमान मंदिर पहुंची, जहां विधिवत कलश स्थापना करवाई गई।
यात्रा मार्ग में ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। पूरा इलाका भगवामय नजर आया और हर गली-चौराहे पर धर्म और आस्था का उत्साह चरम पर दिखाई दिया।
महायज्ञ के तहत दशविद्यास्नान, हेमाद्रि स्नान, तर्पण, पापघट दान, मंडल पूजन, अरणि मंथन एवं अग्नि स्थापना सहित कई वैदिक अनुष्ठान संपन्न हुए। वहीं बुधवार रात्रि से शुरू हुई भगवान श्रीराम की लीलाओं पर आधारित सांस्कृतिक संध्या में श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में डूबे रहे।
सप्त दिवसीय इस महायज्ञ को लेकर पूरे क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह बना हुआ है और श्रद्धालुओं का तांता लगातार मंदिर परिसर की ओर उमड़ रहा है।