सकल जैन समाज के हजारो श्रावक श्राविकाएं कि उपस्थित में विश्व शांति के लिए गुंजा मंत्र नवकार

ओम जैन

शंभूपुरा। स्मार्ट हलचल|विश्व नवकार महामंत्र दिवस का अति सफल आयोजन गुरुवार को श्री विद्यासागर मांगलिक धाम चित्तौड़गढ़ में सुबह 8.15 से किया गया। जिसका उद्देश्य विश्वभर में शांति और एकता को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम का आयोजन जीतो चित्तौड़गढ़ चैप्टर और श्री महावीर जैन मंडल चित्तौड़गढ़ के सयुक्त तत्वावधान में किया गया जिसमें लगभग 2000 लोगों ने बड़ी श्रद्धा के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम मे राष्ट्रीय जैन संत डॉ संजय मुनि जी एवं उप प्रवर्तिनी महा सती श्री मंजुल ज्योति जी म सा आदि ठाणा-5, अनुष्ठान आराधिका महासती डॉक्टर कुमुद लता जी म सा आदि ठाणा-4, एवं मधुर गायिका तपस्वी रत्ना पूज्य महासती श्री प्रतिभा श्री जी म सा ठाणा 4, मृदु स्वभावी श्री शीतल जी महाराज आदी ठाणा 2 का भी सानिध्य रहा।
सभी साधु साध्वी जी म सा ने महामंत्र नवकार की महिमा बताते हुए, सुंदर गीत व भजन के माध्यम से अपने सुन्दर भाव रखे। विश्व शांति के लिए नवकार महामंत्र को आवश्यक बताते एकता पर जोर दिया।
इस कार्यक्रम को भारत सहित 108 देशों के लाखों लोगो ने भाग लिया और नवकार महामंत्र का जाप किया। कार्यक्रम में 100 मेगा इवेंट्स का आयोजन किया गये और 6000 देरासर/उपाश्रय/स्थान से सीधा प्रसारण किया गया।
नवकार महामंत्र के पाँच पदों का जाप करते हुए विश्व शांति और एकता के लिए प्रार्थना की।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वभर में शांति, एकता और सद्भावना को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम सभी धर्मों और समुदायों के लोगों को एक साथ लाने का एक प्रयास है।
श्री महावीर जैन मण्डल के अध्यक्ष राजेंद्र दोशी, जीतो अध्यक्ष सोहन पोखरना ने सभी को सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया व जीतो यूथ विंग के अध्यक्ष रवि विरानी एवं टीम ने नवकारसी व्यवस्था में सहयोग प्रदान किया। मुख्य सचिव रोशन लोढ़ा ने सभी को नवकारसी के लिए अनुरोध किया। जीतो लेडीज विंग कि अध्यक्षा सुनीता सिसोदिया एवं उनकी टीम ने भी सभी व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान किया।
जीतो चित्तौड़गढ़ चेप्टर चेयरमेन एवं महावीर जैन मंडल के महासचिव सोहन पोखरना ने नवकार महामंत्र का अर्थ बताते हुए बताया कि आज पूरे विश्व में अशांति का माहौल हैं चारों ओर युद्ध की विभिषिका से लोग त्रस्त है। विश्व शांति की मनोकामना एवं पूरे विश्व में शांति एवं अहिसों की भावना का विस्तार हो इस हेतु सामूहिक रूप से नवकार मंत्र का जाप किया गया। इसमें जैन समाज ही नहीं अन्य भी कई समाज के लोगों ने भाग लिया।
इस कार्यक्रम की सफलता से यह साबित होता है कि विश्वशांति और एकता के लिए लोगों में कितनी जागरूकता और उत्साह है।