श्री बाणमाता शक्तिपीठ मंदिर प्रांगण परिसर में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर बुधवार को पाटोत्सव के तहत हवनात्मक दुर्गापाठ, रुद्राभिषेक महाआरती का आयोजन

शिव लाल जांगिड़

लाडपुरा |स्मार्ट हलचल|क्षेत्र के प्रसिद्ध आस्था धाम श्री बाणमाता शक्तिपीठ मंदिर में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर बुधवार को पाटोत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन बाणमाता शक्तिपीठ की प्रसिद्धि और श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है।शक्तिपीठ विकास संस्थान के अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि शक्तिपीठ पर द्वितीय पाटोत्सव के तहत पंडित बनवारी लाल जी शर्मा के सानिध्य में पंडितों के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवनात्मक दुर्गापाठ, रुद्राभिषेक और महाआरती का आयोजन मातारानी के जयकारों के साथ सम्पन्न हुआ। यह आयोजन बुधवार को किया गया है, जो नवरात्रि के सातवीं दिन है, माता की पूजा की गई। इस आयोजन में मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है और भक्तजन माता की पूजा-अर्चना में भाग ले रहे हैं।

शक्तिपीठ पर चैत्र नवरात्र महोत्सव के तहत हवनात्मक दुर्गापाठ और रुद्राभिषेक के माध्यम से माता की विशेष पूजा की गई है। जिससे भक्तों को आध्यात्मिक शांति और सुख-समृद्धि कामना की। यह आयोजन नवरात्रि के दौरान माता की पूजा और आशीर्वाद प्राप्त किया गया। नवरात्रि के दौरान, माता के नौ रूपों की पूजा की जाती हैं। इस दौरान, भक्तगण उपवास, दैनिक प्रार्थना, मंत्रोच्चार, कन्या पूजन और दान-पुण्य करते हैं।

महोत्सव के प्रमुख आगामी कार्यक्रमः
26 मार्च, गुरुवार को अष्टमीः महारात्र जागरण में श्रद्धालुओं के लिए रात भर विशेष दर्शन व्यवस्था रहेगी। भजन संध्या में प्रसिद्ध गायक पूरण गुर्जर, युवराज वैष्णव, सोनू भीलवाड़ा और अनु पांचाल अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां देंगे।

27 मार्च को छप्पन भोग और विसर्जनः
महोत्सव का समापनः 27 मार्च (समापन): प्रातः 11:15 बजे माता की छप्पन भोग की झांकी सजाई जाएगी। इसके पश्चात दोपहर 12:15 विशाल शोभायात्रा निकालकर मेनाली नदी पर पाती विसर्जन होगा और महाप्रसाद वितरित किया जाएगा।

लकवा ग्रस्त रोगियों के लिए निशुल्क सेवाः
संस्थान द्वारा एक अनुकरणीय पहल करते हुए लकवा ग्रस्त रोगियों के लिए नियमित रूप से निशुल्क नाश्ते और भोजन की व्यवस्था की जा रही है। अध्यक्ष शर्मा ने इस पुनीत कार्य के लिए दानदाताओं से सहयोग की अपील की है। इस महोत्सव में राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं।