झालावाड़ 4 मार्च।स्मार्ट हलचल|खेड़ापति बालाजी धाम झंडा समिति के तत्वाधान में रविवार को आयोजित आठवां विशाल झंडा सम्मेलन ऐतिहासिक रहा। इसमें भक्ति, उत्साह से समूचा कस्बा धर्ममय हो गया। इसको देखने के लिए श्रद्धालु का सैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम में राजस्थान एवं मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों और दूर-दराज के गांवों से आई करीब 212 झंडा मंडलियों द्वारा प्रस्तुत भजनों से कस्बा गूंज उठा।
रविवार को विधि-विधान के साथ घाणा चौक स्थित श्री खेड़ापति बालाजी धाम में भगवान का आकर्षक श्रृंगार कर शाम 7 खेड़ापति बालाजी महाराज की पूजा-अर्चना कर महा आरती की गई। इसके बाद रात करीब 8 बजे झंडा सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। झंडा मंडलियां घाणा चौक खेड़ापति बालाजी धाम से शुरू होकर देवपुरा मोहल्ला, छत्री चौक, होली खूंट, राम मंदिर चौक, रंजा चौक, शिव मंदिर चौक और कचहरी चौक होते हुए पुनः बालाजी धाम पहुंची। इस दौरान निर्धारित मार्ग पर मंडलियों ने भजनों सुनाए और श्रद्धालु भाव विभोर होकर भजनों पर नृत्य करने लगे।इस दौरान सुनेल वासियों का उत्साह देखते ही बनता था। भ्रमण मार्ग पर भजन मंडलियों व श्रद्धालुओं से खचाखच रहा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए श्री खेड़ापति बालाजी धाम नवयुवक झंडा मंडली सुनेल द्वारा कई दिनों से जोरो से तैयारियां की जा रही थीं।
मंडलियों का स्वागत, कर भोजन प्रशादी व जलपान करवाकर भजनों का आनंद लिया
झंडा मंडलियों के भ्रमण मार्ग पर कई धार्मिक संगठनों और समाजसेवियों , व्यापारियों ने पुष्पवर्षा कर मंडलियों का स्वागत किया गया। मंडलियों के लिए स्टाॅल लगाकर प्रसादी, चाय, नाश्ता और पेयजल की व्यवस्था की गई । लोगों में सेवा का जज्बा देखते ही बनता था।धर्ममय हुई रामजी की सुनेल,पूरी रात बनी रही रौनक
कार्यक्रम तड़के करीबन 4बजे तक चला। देवपुरा मोहल्ला को दुल्हन की तरह सजाया गया। लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा की पुरी रात जगह-जगह भजनों से पूरी तरह से धर्ममय हो गया कस्बे के गली मोहल्ले में रात भर मेले जैसा माहौल रहा।
भक्ति में लीन दिखे श्रद्धालु
नगर भ्रमण के दौरान भजनों की मधुर धुनों पर कार्यकर्ता और श्रद्धालु पूरी तरह भक्ति में लीन नजर आए। झंडा मंडलियों के भजनों और नृत्य प्रस्तुतियों ने माहौल को पूरी तरह धर्ममय बना दिया। जयकारों और भजनों की गूंज सुनाई देती रही, जिससे सुनेल की फिजा में श्रद्धा और उल्लास की मिठास राम गई।
भोला मेहर और मांगीलाल रहे आकर्षण का केंद्र
शारीरिक अक्षमता और उम्र ईश्वर की भक्ति में बाधा नहीं बन सकती है। इसका उदाहरण झंडा सम्मेलन में देखने को मिला। कार्यक्रम में बकानी उपखंड के दित्या खेड़ी गांव के भोला मेहर के दोनों हाथ व एक पैर नहीं होने के बादजूद एक पैर से ही भजनों पर जगह-जगह नृत्य किया। पूरे भ्रमण मार्ग में भोला ने एक पैर से भाव विभोर होकर नृत्य किया। वही 70 साल के मांगीलाल ने लगातार 7 घंटे भक्ति के रंग में रंगते हुए नृत्य करते रहे।
