Homeराजस्थानकोटा-बूंदीश्री शिव महापुराण ज्ञान यज्ञ महोत्सव

श्री शिव महापुराण ज्ञान यज्ञ महोत्सव

श्री शिव महापुराण ज्ञान यज्ञ महोत्सव
सती चरित्र मंगल गृह की उत्पति, शिव पार्वती विवाह का प्रसंग आयोजित

बून्दी। स्मार्ट हलचल/सुंदरकांड महिला मंडल द्वारा धाबाईयो चैक स्थित बुढेश्वर महादेव मंदिर पर आयोजित श्री शिव महापुराण सप्ताह कथा ज्ञान महोत्सव के तीसरे दिन बुधवार को सती चरित्र मंगल गृह की उत्पति, शिव पार्वती विवाह का प्रसंग आयोजित किया गया।महिला मंडल अध्यक्ष विष्णुलता लखोटिया ने बताया कि तीसरे दिन कथावाचक व्यास प0 संजय भारद्वाज ने पार्वती जन्म का वर्णन करतंे हुये कहा कि ब्रह्मा जी ने नारद जी से कहा कि मेरे पुत्र सनकादी ने पित्रों की तीन कन्याओं में मेना को आशीर्वाद दिया कि वह विष्णु के अंशभूत हिमालय गिरि की पत्नी होंगी। उससे जो कन्या होगी वह पार्वती के नाम से विख्यात होगी। कहा कि रामचरितमानस में भी आया है कि सती जी ने मरते समय भगवान हरि से यह वर मांगा था कि मेरा हर जन्म में शिवजी के चरणों में अनुराग रहे। इस कारण हिमाचल के घर जाकर पार्वती के रूप में प्रकट हुई। नारद जी ने हिमाचल की पुत्री का हाथ देखकर बताया कि शिवजी को छोड़कर इनका दूसरा वर नहीं हो सकता है। यदि आपकी कन्या तप करे तब भगवान शिव को वर के रूप में प्राप्त कर सकती है। इस दौरान पार्वती ने महान तप किया। कुछ दिन जल और वायु का भोजन किया। कठोर उपवास किया। जो वेल पत्र सूखकर पृथ्वी पर गिरते 3000 वर्षों तक उन्हीं को खाया। इससे उनका नाम उमा पड़ गया। पार्वती की तपस्या से शंकर जी भी खुश हुए और उन्होंने सप्तर्षि को पार्वती की परीक्षा लेने भेजा। ऋषियों ने पार्वती जी से कहा कि नारद जी के कहने में मत आओं और हट छोड़ दो। बताया कि ब्रह्मा जी की आज्ञा पाकर पंडितों द्वारा अग्नि की स्थापना करके वहां ऋग्वेद, यजुर्वेद तथा श्यामवेद के द्वारा अग्नि में आहुतियां दी गई। शिव पार्वती विवाह में भक्तगण आनंद में झूमकर विवाह गीत गाने लगे। कथा के अंत में आरती करके प्रसाद वितरण किया गया।

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