राजस्थान सहित चार राज्यों के करीब 1,950 सदस्य करेंगे मतदान, तीन वर्ष के लिए चुनी जाएगी नई कार्यकारिणी
आकोला, स्मार्ट हलचल।
रमेश चंद्र डाड
स्मार्ट हलचल।सिंगोली चारभुज माहेश्वरी धर्मशाला समिति के नौ पदाधिकारियों के चुनाव 6 सितंबर 2026 (रविवार) को आयोजित किए जाएंगे। समिति के मंत्री ओमप्रकाश लढ़ा ने बताया कि राजस्थान के लगभग 10 जिलों तथा राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र सहित चार राज्यों के करीब 120 गांवों के लगभग 1,950 सदस्य (मतदाता) मतदान कर नई नौ सदस्यीय कार्यकारिणी का चुनाव करेंगे।
उन्होंने बताया कि निर्वाचित कार्यकारिणी आगामी तीन वर्षों के लिए धर्मशाला समिति का संचालन करेगी तथा लगभग 120 सदस्यों के कार्यकारी मंडल का मनोनयन करेगी। नई समिति धर्मशाला के संचालन, रखरखाव एवं विकास कार्यों की जिम्मेदारी संभालेगी।
मांगलिक आयोजनों के लिए प्रमुख केंद्र
सिंगोली चारभुज स्थित यह धर्मशाला माण्डलगढ़ विधानसभा क्षेत्र की सबसे बड़ी माहेश्वरी धर्मशाला मानी जाती है। इसका उपयोग केवल माहेश्वरी समाज ही नहीं, बल्कि विभिन्न समाजों द्वारा मांगलिक, वैवाहिक एवं धार्मिक आयोजनों के लिए भी किया जाता है। वर्तमान समय में जहां निजी रिसोर्ट एवं होटलों का किराया लाखों रुपये तक पहुंच जाता है, वहीं इस धर्मशाला का दो दिन का किराया मात्र 15 हजार रुपये निर्धारित है। धर्मशाला के विकास के लिए निर्वाचित पदाधिकारी समाज के भामाशाहों के सहयोग से राशि जुटाकर विभिन्न निर्माण कार्य करवाते हैं।
22 कमरे, तीन हॉल और आधुनिक सुविधाएं
वर्तमान में धर्मशाला परिसर में 22 कमरे और तीन हॉल उपलब्ध हैं। इनमें लगभग 10 कमरों में अटैच शौचालय एवं स्नानघर की सुविधा है, जबकि आठ कमरे तथा एक हॉल वातानुकूलित हैं। सिंगोली श्याम मेवाड़ का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जहां भगवान चारभुजानाथ का प्राचीन एवं आस्था का केंद्र मंदिर स्थित है।
पांच से बढ़ाकर किए गए नौ पद
वर्तमान में पांच सदस्यीय समिति धर्मशाला का संचालन कर रही है। इसमें अध्यक्ष घनश्याम राठी (बड़लियास), उपाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण (भीलवाड़ा), मंत्री ओमप्रकाश लढ़ा (माल का खेड़ा), कोषाध्यक्ष सतीश सोमानी (बरूंदनी) तथा संयुक्त मंत्री शिवनारायण काबरा (आकोला) शामिल हैं। समिति ने कार्यों की बढ़ती संख्या, धर्मशाला के चहुंमुखी विकास तथा सभी क्षेत्रों को समान प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से पदाधिकारियों की संख्या पांच से बढ़ाकर नौ करने का निर्णय लिया है।
