बोली नहीं लगाने के कारण फिर नहीं हुई 70 बीघा चारागाह भूमि में खड़ी फसल की नीलामी तीसरी बार भी प्रशासन नहीं कर पाया फसल की नीलामी

सूरौठ। स्मार्ट हलचल|गांव रीझवास में 70 बीघा चारागाह भूमि में खड़ी सरसों एवं गेहूं की फसल की नीलामी तहसील प्रशासन तीसरी बार भी नहीं कर पाया। बुधवार को तहसील परिसर में राजस्व विभाग की टीम ने तीसरी बार नीलामी की प्रक्रिया शुरू की लेकिन किसी भी ग्रामीण ने पहले की तरह इस बार भी बोली नहीं लगाई जिसके कारण फसल की नीलामी नहीं हो सकी। हालांकि नीलामी प्रक्रिया के दौरान सैकड़ो ग्रामीण तहसील परिसर में मौजूद रहे। गौरतलब है कि इससे पहले तहसील प्रशासन दो बार और नीलामी की प्रक्रिया कर चुका था लेकिन बोली नहीं लगाए जाने के कारण नीलामी नहीं हो सकी थी।तहसीलदार संजीव धाकड़ एवं गिरदावर रामकेश भागौड ने बताया कि सूरौठ तहसील के गांव रीझवास में खसरा नंबर 1260 की करीब 70 बीघा चारागाह भूमि पर 25 ग्रामीणों ने अतिक्रमण कर सरसों एवं गैंहू की फसल बो रखी है। इस मामले में तहसील प्रशासन ने पिछले दिनों अतिक्रमण करने वाले लोगों के खिलाफ 91 की कार्रवाई करते हुए फसल की नीलामी के आदेश जारी किए थे। तहसील प्रशासन ने पहले 3 फरवरी को रीझवास की 70 बीघा चारागाह भूमि में खड़ी फसल की तहसील कार्यालय में नीलामी करने के आदेश जारी किए थे। 3 फरवरी को किसी भी ग्रामीण की ओर से बोली नहीं लगाए जाने के कारण तहसील प्रशासन ने फसल की नीलामी के लिए 13 फरवरी की तिथि तय की थी। 13 फरवरी को भी किसी ग्रामीण ने बोली नहीं लगाई । इसके पश्चात तहसील प्रशासन ने चारागाह भूमि में खड़ी फसल की नीलामी के लिए 18 फरवरी की तिथि निश्चित की थी। बुधवार को तहसील प्रशासन ने सुबह 11 बजे फसल की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की। नीलामी की प्रक्रिया के दौरान तहसीलदार संजीव धाकड़, गिरदावर रामकेश भागौड, पटवारी श्याम सिंह सोलंकी सहित करीब करीब सैंकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। शाम 5 बजे तक किसी भी ग्रामीण ने बोली नहीं लगाई जिसके कारण बुधवार को भी फसल की नीलामी नहीं हो सकी।