स्मार्ट हलचल|नगर पालिका गंगापुर का वर्तमान बोर्ड अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में है, लेकिन जनहित कार्यों के प्रति गंभीरता पूरी तरह नदारद नजर आ रही है। एक ओर पालिका आवश्यक कार्यों के लिए बजट न होने का रोना रोती है, वहीं दूसरी ओर जनता की गाढ़ी कमाई को अनुपयोगी और विवादित कार्यों में लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
स्थिति यह है कि रायपुर रोड आज भी अधूरी पड़ी है, गंगापुर शहर से अस्पताल जाने वाला छात्रावास रोड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, सराय स्कूल के बाहर सड़क पूरी तरह टूट चुकी है, वहीं वार्ड नंबर 6 सिनेमा गली में पालिका की पनघट पिछले छह महीनों से बंद पड़ी है। इन तमाम अति आवश्यक जनसमस्याओं को नजरअंदाज कर नगर पालिका ने शहर के पहले से ही सकरे मुख्य मार्गों के डिवाइडर पर लगभग 8 लाख रुपये की लागत से लोहे की अनुपयोगी रेलिंग लगवाने का कार्य शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की सड़कों की चौड़ाई पहले से ही कम है, ऐसे में डिवाइडर पर रेलिंग लगाने से यातायात और अधिक बाधित होगा तथा दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ेगी।
इस पूरे मामले को लेकर मनोहर लाल सोमानी, जुगल जागेटिया, अशोक सोमानी और रामप्रसाद माली ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी करणी सिंह सोडा एवं जेईएन राम राय मीणा से शिकायत कर जनता के पैसों को व्यर्थ खर्च न करने का आग्रह किया।
शिकायत के बाद अधिशासी अधिकारी करणी सिंह सोडा ने बताया कि यह कार्य टेंडर प्रक्रिया के तहत किया गया है, लेकिन शिकायत को गंभीरता से लेते हुए फिलहाल इस कार्य को यहीं रोक दिया जाएगा।
नगर पालिका की कार्यप्रणाली के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए स्थानीय लोगों ने इस लोहे की रेलिंग को अनुपयोगी बताते हुए व्यंग्यात्मक अंदाज में इसे “नगरपालिका का शमशान” घोषित कर माला पहनाकर उद्घाटन किया, जो पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
नगरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते प्राथमिक जनसमस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में नगर पालिका के खिलाफ जन आंदोलन और तेज किया जाएगा।


