स्कूली वाहनों पर परिवहन विभाग की सख्ती, 10 वाहन थानों में बंद, 17 के चालान

8 से 15 जुलाई तक पुलिस-परिवहन विभाग का संयुक्त अभियान, बिना फिटनेस, परमिट और बीमा वाले वाहनों पर होगी कड़ी कार्रवाई

 

लखीमपुर खीरी। स्मार्ट हलचल।जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) शांति भूषण पांडेय के नेतृत्व में चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर 10 वाहनों को संबंधित थानों में निरुद्ध किया गया, जबकि 17 वाहनों का चालान किया गया।एआरटीओ शांति भूषण पांडेय ने बताया कि अभियान के दौरान कुल 17 स्कूली वाहनों की जांच की गई। जांच में चार वाहन अनफिट पाए गए, जबकि कई वाहन बिना वैध दस्तावेजों के संचालित होते मिले। इसके अलावा दो अन्य वाहनों को भी नियमों के उल्लंघन के चलते बंद कराया गया। वहीं चार निजी वाहन स्कूल वाहनों के रूप में संचालित पाए जाने पर उन्हें भी संबंधित थानों में निरुद्ध कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग की टीम विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर स्कूली वाहनों का भौतिक निरीक्षण कर रही है तथा फिटनेस, परमिट, बीमा और प्रदूषण प्रमाणपत्र सहित अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच की जा रही है। जिन वाहनों के दस्तावेज अधूरे या समाप्त हो चुके हैं, उनके संचालकों को तत्काल नवीनीकरण कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

एआरटीओ ने जिले के सभी स्कूल वाहन स्वामियों से अपील की कि जिन वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा या प्रदूषण प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त हो चुकी है, वे तत्काल नवीनीकरण करा लें। अन्यथा मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को किसी भी स्थिति में निजी अथवा अनफिट वाहनों से स्कूल न भेजें। साथ ही सभी विद्यालय प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों से कहा गया है कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसे किसी भी वाहन का संचालन न होने दें, जिसकी फिटनेस, परमिट, बीमा अथवा प्रदूषण प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त हो चुकी हो।

परिवहन विभाग ने बताया कि 8 जुलाई से 15 जुलाई तक पुलिस एवं परिवहन विभाग का संयुक्त विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान बिना परमिट, बिना फिटनेस, बिना बीमा, बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र अथवा अन्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले स्कूली वाहनों के विरुद्ध चालान, सीज एवं निरुद्ध करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान स्कूलों के स्वामित्व वाले वाहनों के साथ-साथ निजी वाहनों की भी विशेष जांच होगी, जो नियमों की अनदेखी करते हुए स्कूली बच्चों का परिवहन कर रहे हैं।