छात्रों ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग

20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए कथित पुलिस बल प्रयोग के विरोध में कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्र, पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा

 

स्मार्ट हलचल|लखीमपुर खीरी। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए कथित पुलिस बल प्रयोग के विरोध में शुक्रवार को लखीमपुर खीरी में छात्रों ने प्रदर्शन किया। विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े छात्र-छात्राएं कलेक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की।ज्ञापन में छात्रों ने आरोप लगाया कि संसद मार्च के दौरान शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रखने पहुंचे छात्रों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों के विरुद्ध है। छात्रों ने इस घटना की जवाबदेही तय करने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन के माध्यम से छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग उठाई।

छात्रों ने अपने मांगपत्र में पांच प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें संसद मार्च के दौरान हुए पुलिस बल प्रयोग की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष न्यायिक जांच, दोषी अधिकारियों व कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई, सादी वर्दी में कार्रवाई करने वाले लोगों की पहचान सार्वजनिक करने, घायल छात्रों के समुचित इलाज एवं मुआवजे की व्यवस्था तथा भविष्य में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग शामिल है।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इस अधिकार की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान छात्र संगठन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा तथा सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात रहा।