घाटे से मुनाफे तक पहुंची सरस डेयरी, अब किसानों को दे रही नई सुविधाएं
सरस डेयरी की पहल से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था — राजेश कृष्ण बिरला
चैन सिंह राठौड़ बोले—पशुपालकों की आय बढ़ाना हमारी प्राथमिकता
कोटा।स्मार्ट हलचल।कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (सरस डेयरी) द्वारा दुग्ध उत्पादक किसानों एवं पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए शुक्रवार को 250 कुट्टी मशीनों का वितरण किया गया। सरस डेयरी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़, रेडक्रॉस सोसायटी के राज्य अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला तथा विधायक संदीप शर्मा,मार्केटिंग सोसायटी अध्यक्ष निहाल सिंह राठौड़,प्रबंध संचालक दिलखुश मीणा ने पशुपालकों को रियायती दर पर सब्सिडी युक्त कुट्टी मशीनें वितरित कीं।
अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने बताया कि किसानों को 150 विद्युत संचालित एवं 100 स्वचालित कुट्टी मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। मशीनें प्राप्त करने के बाद किसानों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया। उन्होंने बताया कि सरस डेयरी द्वारा चरणबद्ध तरीके से निशुल्क बीच वितरण कार्यक्रम भी संचालित है, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों पशुपालकों को लाभ मिल रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेडक्रॉस सोसायटी के राज्य अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने सरस डेयरी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि किसानों और पशुपालकों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। ऐसे प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होंगे।
विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि चैन सिंह राठौड़ के नेतृत्व में सरस डेयरी ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि जो डेयरी कभी लगभग 85 लाख रुपये के घाटे में थी, वह आज करीब 1.85 करोड़ रुपये के लाभ की स्थिति में पहुंच गई है। यह बेहतर प्रबंधन और किसानों के हित में किए गए कार्यों का परिणाम है।
राठौड़ ने बताया कि विद्युत संचालित कुट्टी मशीन पर 15 हजार रुपये तथा स्वचालित मशीन पर 5 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक कुट्टी मशीनों के उपयोग से पशुओं के लिए चारे की कटाई आसान होगी, समय और श्रम की बचत होगी तथा पशुओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मार्गदर्शन में राज्य सरकार किसानों एवं पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीक और संसाधनों का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
राठौड़ ने कहा कि सरस डेयरी केवल दुग्ध संग्रहण तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों के समग्र विकास के लिए आधुनिक तकनीक और सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य भी कर रही है। उन्होंने पशुपालकों से नई तकनीकों को अपनाने तथा डेयरी की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने सरस डेयरी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि कुट्टी मशीनों के उपयोग से पशुपालन कार्य अधिक सुगम होगा, चारे की बर्बादी कम होगी तथा उत्पादन लागत में भी कमी आएगी। किसानों ने इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली उपयोगी और दूरदर्शी योजना बताया।
इस अवसर पर सरस डेयरी के प्रबंध निदेशक दिलखुश मीणा सहित बड़ी संख्या में कृषक, पशुपालक एवं डेयरी से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे। अंत में दिलखुश मीणा ने सभी अतिथियों एवं किसानों का आभार व्यक्त किया।
सादर प्रकाशनार्थ सम्पादक महोदय
भवदीय
चैनसिंह राठौड़
