शिवराज बारवाल मीना
टोंक/उनियारा।स्मार्ट हलचल|टोंक जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीना (आईपीएस) ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनियारा थाने के तत्कालीन सहायक उप निरीक्षक एवं वर्तमान में पुलिस लाइन टोंक में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) रतनलाल पुत्र मोरपाल मीणा को निलंबित कर दिया है। पुलिस अधीक्षक द्वारा मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को जारी आदेश में एएसआई रतनलाल मीणा के विरुद्ध विभागीय जांच प्रस्तावित होने का उल्लेख किया गया है।
आदेश के अनुसार राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13(1)(क) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एएसआई रतनलाल मीणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता देय होगा।
*निलंबन अवधि में एएसआई रतनलाल का मालपुरा रहेगा मुख्यालय*
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान राजस्थान सेवा नियम-53(1) के प्रावधानों के अनुसार उन्हें वेतन का आधा भाग निर्वाह भत्ते के रूप में देय होगा। वहीं निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस उप अधीक्षक, वृत्त-मालपुरा कार्यालय निर्धारित किया गया है।
*करीब 15 दिन पहले लाइन हाजिर-अब निलंबन की कार्रवाई*
जानकारी के अनुसार शिकायतों के चलते एएसआई रतनलाल मीणा को करीब 15 दिन पूर्व ही पुलिस लाइन टोंक भेजते हुए लाइन हाजिर किया गया था। अब उनके विरुद्ध विभागीय जांच प्रस्तावित होने के बाद पुलिस अधीक्षक रोशन मीना द्वारा निलंबन की कार्रवाई की गई है। इससे पुलिस महकमे में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
*क्या शिकायतों और आरोपों की होगी विभागीय जांच?*
सूत्रों के अनुसार एएसआई रतनलाल मीणा के कार्यकाल को लेकर पिछले कुछ समय से विभिन्न प्रकार की शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही थी। इनमें कथित रूप से अपराधियों को संरक्षण देने, अवैध वसूली तथा साइबर ठगी से जुड़े संदिग्ध लोगों के साथ संपर्क जैसे आरोपों की चर्चा रही है।हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।अब विभागीय जांच के दौरान शिकायतों, उपलब्ध अभिलेखों, पुलिस कार्रवाई, तकनीकी साक्ष्यों तथा संबंधित व्यक्तियों के बयानों की जांच होने पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
*साइबर ठगी और बजरी कारोबार से जुड़े आरोप भी चर्चा में*
क्षेत्र में चर्चा और शिकायतों के अनुसार एएसआई रतनलाल मीणा पर उनियारा सर्किल क्षेत्र में कथित रूप से साइबर ठगी से जुड़े आरोपियों को संरक्षण दिए जाने के आरोप भी लगाए जाते रहे हैं। इसी प्रकार अवैध बजरी परिवहन से जुड़े लोगों के साथ कथित संपर्क अथवा सांठगांठ के आरोपों की भी चर्चा सामने आती रही है। इन आरोपों को लेकर विभागीय स्तर पर क्या तथ्य सामने आते हैं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
*पूर्व में बजरी ट्रैक्टर का पीछा करने के दौरान महिला की मौत का मामला भी रहा चर्चा में*
पूर्व में अवैध बजरी परिवहन से जुड़े एक मामले में बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली का पीछा करने के दौरान सामने से आ रही बाइक पर सवार बाजोलिया निवासी महिला की मौत हो गई थी। घटना के बाद उनियारा थाने पर विरोध प्रदर्शन भी हुआ था। इस मामले के बाद पुलिस अधीक्षक स्तर से एएसआई रतनलाल मीणा को पूर्व में लाइन हाजिर किए जाने की बात सामने आई थी। अब एक बार फिर विभागीय जांच प्रस्तावित करते हुए निलंबन की कार्रवाई किए जाने से पूरे मामले को लेकर पुलिस महकमे में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
*जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी*
फिलहाल निलंबन आदेश में विभागीय जांच प्रस्तावित होने की बात कही गई है। इसलिए एएसआई रतनलाल मीणा के विरुद्ध लगाए जा रहे विभिन्न आरोपों को जांच में सिद्ध होना बाकी है। विभागीय जांच में यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो नियमानुसार आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। वहीं जांच में आरोप प्रमाणित नहीं होने की स्थिति में संबंधित कर्मचारी को नियमानुसार राहत भी मिल सकती है। हालांकि निलंबन किसी कर्मचारी की दोषसिद्धि नहीं है, बल्कि विभागीय जांच के दौरान की जाने वाली प्रशासनिक/अनुशासनात्मक कार्रवाई है।
