स्वराज हर नागरिक का अधिकार”: जयपुर के सर्वोदय संकल्प शिविर में गूंजा संगठन मजबूती का मंत्र

अनिल कुमार

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित दिग्गजों ने दी बूथ मैनेजमेंट की ट्रेनिंग; ब्यावर के कार्यकर्ताओं ने लिया क्षेत्र में बदलाव का संकल्प।

ब्यावर/स्मार्ट हलचल|जयपुर राजधानी के रानी बाग रिजॉर्ट में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन, राजस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सर्वोदय संकल्प शिविर एवं प्रदेश स्तरीय सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिविर का मुख्य उद्देश्य ‘सर्वोदय’ की भावना को धरातल पर उतारना और प्रत्येक नागरिक को उसके ‘स्वराज’ के अधिकार के प्रति जागरूक करना रहा।

बूथ स्तर पर मजबूती और चुनावी रणनीति
शिविर के दौरान कार्यकर्ताओं को केवल भाषण ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बूथ मैनेजमेंट पर जोर दिया गया, जिसमें मतदाता सूची प्रबंधन, सघन संपर्क अभियान और चुनावी रणनीति के गुर सिखाए गए। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि संगठन की असली ताकत गांव, वार्ड और बूथ स्तर की सक्रियता में ही निहित है।

डिजिटल साक्षरता से जन सेवा
कार्यकर्ताओं को आधुनिक तकनीकों से लैस करने के लिए जन सूचना पोर्टल और संपर्क पोर्टल के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कार्यकर्ता सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचा सकें और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करवा सकें।

दिग्गजों का मिला मार्गदर्शन
शिविर में राजस्थान की राजनीति के दिग्गज चेहरों ने शिरकत की। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी, और पूर्व मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने अपने अनुभवों को साझा किया। नेताओं ने राज्य में समय पर निकाय एवं पंचायत चुनाव नहीं कराए जाने के मुद्दे पर चिंता जताई और कार्यकर्ताओं को इसे जन-मुद्दा बनाने के लिए प्रेरित किया।

ब्यावर जिले की सक्रिय भागीदारी
ब्यावर जिले से प्रदेश सचिव शैलेश शर्मा के नेतृत्व में महेंद्र चौहान, राम यादव, रज्जाक मोहम्मद और रंजीत पवार सहित कई उत्साहव़र्धक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। शिविर के समापन पर ब्यावर के प्रतिनिधियों ने संकल्प लिया कि वे यहाँ से प्राप्त ज्ञान और प्रशिक्षण को अपने क्षेत्र में लागू कर संगठन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

“यह शिविर केवल एक बैठक नहीं, बल्कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने और कार्यकर्ताओं को सेवा के लिए प्रशिक्षित करने का एक बड़ा मिशन रहा।”