मुकेश खटीक
मंगरोप।मंगरोप कस्बे की श्याम विहार कॉलोनी में वर्षों से सड़क और नालियों के अभाव से कच्ची सड़क पर फैल रहे गंदे पानी को स्थानीय वाशिंदों ने परेशानी का सबब बना लिया है।घरों से निकलने वाला गंदा पानी नालिया नहीं होने से कॉलोनी की कच्ची गलियों में भर जाता था,जिससे आवागमन बाधित होने के साथ-साथ घरों के आगे गंदगी और मच्छरों का खतरा बढ़ जाता था।बार-बार शिकायतों और आश्वासनों के बावजूद स्थायी समाधान न मिलने से कॉलोनीवासियों में निराशा गहराती चली गई।हालात से हार मानने के बजाय स्थानीय निवासियों ने सामूहिक प्रयास से अनोखा रास्ता निकाला।कॉलोनी के लोगों ने देशी जुगाड़ अपनाते हुए सिंचाई में काम आने वाली लगभग 200 फीट लंबी पाइप को जोड़कर अस्थायी निकासी व्यवस्था तैयार की।इस पाइपलाइन के माध्यम से घरों से निकलने वाले पानी को कॉलोनी के बाहर सुरक्षित स्थान पर मोड़ दिया गया,जिससे जलभराव से तत्काल राहत मिली और राहगीरों को भी सुविधा हुई।कॉलोनीवासियों का कहना है कि यह व्यवस्था मजबूरी में की गई है।उनका उद्देश्य प्रशासन को चुनौती देना नहीं,बल्कि रोजमर्रा की परेशानी से निजात पाना है।हालांकि,वे स्पष्ट रूप से मांग कर रहे हैं कि यह अस्थायी समाधान स्थायी विकास का विकल्प नहीं हो सकता।कॉलोनी में पक्की सड़क और सुव्यवस्थित नालियों का निर्माण आवश्यक है।ताकि लोगों को जुगाड़ का सहारा न लेना पड़े।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शीघ्र सर्वे कर बजट स्वीकृत कराने और निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है।उनका कहना है कि जनता का जुगाड़ तात्कालिक राहत दे सकता है,लेकिन जिम्मेदार तंत्र की सक्रियता से ही स्थायी समाधान संभव है।श्याम विहार कॉलोनी की यह पहल बताती है कि जब व्यवस्था सुस्त हो जाए,तब भी जागरूक नागरिक मिलकर समस्या का रास्ता खोज लेते हैं—पर अब जरूरत है कि प्रशासन इस संदेश को समझे और विकास कार्यों को प्राथमिकता दे।
