शिक्षकों के स्थानांतरण और पदोन्नतियां हो शीघ्र:पुष्करणा

टीईटी अनिवार्य विषय पर सरकार शीघ्र दायर करे पुनर्विचार याचिका: शिक्षक संघ राष्ट्रीय

ग्रीष्मावकाश अवधि घटाने का विचार प्रदेश के लिए अव्यवहारिक:लखारा

अपने बच्चों को राजकीय विद्यालयों में पढ़ाने और समाज को नशा मुक्त बनाने में भागीदारी का संकल्प

चित्तौड़गढ़।स्मार्ट हलचल|राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संघों के माननीय शिक्षा मंत्री मदन लाल दिलावर के साथ वार्ता में शिक्षा और शिक्षकों के हित कई सुझाव और मांगे रखकर सरकार से शीघ्र यथोचित निर्णय लेने को कहा।संगठन की ओर से इस वार्ता में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा और प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने भाग लिया।
जिला अध्यक्ष पूरण मल लौहार और जिला मंत्री कैलाश चंद्र मालू के अनुसार संगठन के प्रदेश महामंत्री लखारा ने बताया कि संगठन की और से लगातार सरकार से बातचीत करते हुए शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण किए गए है।माननीय शिक्षा मंत्री मदन लाल दिलावर के साथ शिक्षक संघों की वार्ता में भी संगठन ने शिक्षा और शिक्षकों के हित में पुरजोर तरीके से आवाज उठाई।
इस अवसर पर संगठन ने बताया कि निदेशालय स्तर से आगामी सत्र 2026-27 के लिए शिक्षकों के ग्रीष्मावकाश की अवधि को वर्तमान 45 दिन से घटाकर 36 दिन करने के शासन स्तर पर विचाराधीन प्रस्ताव का अनुमोदन नहीं करने,माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा अध्यापक पात्रता परीक्षा के संबंध में पुनर्विचार याचिका दायर कर राहत दिलाने,प्रदेश में कार्यरत संविदा शिक्षकों के शीघ्र स्थायीकरण करने,स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल और महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम राजकीय विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने,स्टाफिंग पैटर्न शीघ्र करते हुए प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में सवा लाख से अधिक पदों को स्वीकृत करने और सेवारत शिक्षकों के इंटर्नशिप अवधि के वेतन वसूली नहीं करने के वित्त विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन कर हजारों शिक्षकों को राहत दिलाने की मांग की।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने कहा कि संगठन ने सभी संवर्गो की पदोन्नतियां शीघ्र करते हुए तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पदोन्नति के लिए माननीय उच्चतम न्यायालय में सरकार की और शीघ्र निस्तारण के लिए एएजी लगाकर वर्षों से लंबित पदोन्नतियां पूरी करने,सभी संवर्गो के स्थानांतरण ग्रीष्मावकाश में ही करने, टी एस पी से नॉन टी एस पी में नियुक्त शिक्षकों को गृह जिले में लगाने, समसा के सभी पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने, मुख्यमंत्री जनसहभागिता योजना पर रोक हटाने और विद्यालयों को मिलने वाली समस्त ग्रांट राशि समय पर जारी करने की मांग की।साथ ही संगठन ने प्रत्येक विद्यालय को बिजली बिल से मुक्त करने के लिए सोलर लगवाने और सभी जिला मुख्यालयों पर शिक्षक भवन बनवाने का सुझाव सरकार को दिया।वार्ता में शिक्षा मंत्री दिलावर के आग्रह पर सभी शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों ने अध्यापकों के बच्चों को राजकीय विद्यालयों में पढ़ाने और समाज को नशा मुक्त बनाने में भागीदारी का संकल्प लिया।
इस अवसर पर राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश सभाध्यक्ष संपत सिंह,वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य, उपाध्यक्ष महिला सुषमा विश्नोई,प्रदेश मंत्री अमरजीत सिंह,महिला मंत्री गीता जैलिया,अतिरिक्त प्रदेश महामंत्री बसंत जिंदल,कोषाध्यक्ष कैलाश कच्छावा सहित प्रदेश कार्यकारिणी के समस्त पदाधिकारीयों एवं चित्तौड़गढ़ से हेमंत शर्मा प्रदेश सह संयोजक अभिलेखागार प्रकोष्ठ, डॉ हीरा लाल लुहार प्रदेश शैक्षिक प्रकोष्ठ सदस्य,मदन लाल जोशी प्रदेश प्रशिक्षण प्रकोष्ठ सदस्य,प्रकाश चंद्र बक्शी हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ प्रदेश प्रकोष्ठ सदस्य,पवन शेखावत प्रदेश महिला कार्यसमिति सदस्य,रमेश चंद्र पुरोहित संभाग संयुक्त मंत्री, जिला संगठन मंत्री नर्बदा शंकर पुष्करणा,मधु जैन एवं जिला कार्यकारिणी के सभाध्यक्ष तेजपाल सिंह शक्तावत,उपसभाध्यक्ष उदय लाल अहीर और सैयद मुकर्रम अली,वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवींद्र सिंह सिसोदिया, उपाध्यक्ष(पुरुष) हमीर सिंह राजपूत,उपाध्यक्ष महिला राजी कुमावत,उपाध्यक्ष माध्यमिक शिक्षा नाथू लाल डांगी,उपाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षा बीरबल सिंह, उपाध्यक्ष संस्कृत शिक्षा शंकर लाल भांभी,सचिव माध्यमिक भंवर सिंह गौड़,सचिव प्राथमिक सत्यनारायण भट्ट,सचिव संस्कृत नरपत सिंह चौहान,सचिव महिला बसंती सुथार,अतिरिक्त जिला मंत्री राजेंद्र कुमार गगरानी,महिला मंत्री दीपिका झाला,कोषाध्यक्ष सागर मल पटवा एवं सदस्य अध्यापक सुशील कुमार लड्डा,पंचायत समिति शिक्षक सदस्य विकास आचार्य,वरिष्ठ अध्यापक सदस्य मुकेश त्रिपाठी,प्राध्यापक सदस्य गोपाल लाल व्यास , संस्कृत शिक्षक सदस्य गोपाल लाल टेलर,प्रयोगशाला सहायक सदस्य आशीष कुमार गुप्ता,शारीरिक शिक्षक सदस्य चावंड सिंह चुंडावत,प्रबोधक सदस्य रमेश चंद्र मेनारिया पुस्तकालयाध्यक्ष मांगी लाल सुथार सहित जिले के समस्त शिक्षको ने संगठन के प्रयासों को शिक्षकों के लिए कल्याणकारी बताया।