तेज रफ्तार रोडवेज बस ने तीन भैंसों को रौंदा: CCTV फुटेज ने खोली हादसे की परतें, गर्भवती भैंस की दर्दनाक मौत से फूटा लोगों का गुस्सा

शाहपुरा-मूलचन्द पेसवानी शाहपुरा थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात हुए एक हृदयविदारक सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। पहले जिस घटना को अज्ञात वाहन की टक्कर मानकर जांच की जा रही थी, उसका सच अब सीसीटीवी फुटेज के जरिए सामने आ गया है। फुटेज में स्पष्ट हुआ कि उदयपुर से टोंक जा रही राजस्थान रोडवेज की तेज रफ्तार बस ने सड़क पार कर रही तीन भैंसों को बेरहमी से अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भयावह था कि एक गर्भवती भैंस की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसके गर्भ में पल रहा बछड़ा भी जोरदार टक्कर के कारण बाहर निकल गया। इस वीभत्स दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

जानकारी के अनुसार बुधवार रात करीब 1:20 बजे शाहपुरा पुलिस थाने के सामने स्थित स्वराज ट्रैक्टर एजेंसी के पास तीन भैंसें सड़क पार कर रही थीं। इसी दौरान उदयपुर से टोंक की ओर जा रही राजस्थान रोडवेज की बस (नंबर RJ14 PH 0906) तेज रफ्तार से वहां पहुंची और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। देखते ही देखते बस ने तीनों भैंसों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस की रफ्तार इतनी अधिक थी कि चालक को ब्रेक लगाने तक का मौका नहीं मिला। टक्कर के बाद भैंसें कई फीट दूर जा गिरीं। गर्भवती भैंस ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि अन्य दो भैंसें गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर तड़पती रहीं। ग्रामीणों ने तत्काल घायल पशुओं की सहायता कर उनका उपचार शुरू कराया।

हादसे के बाद नहीं रुकी बस, चालक मौके से फरार

घटना का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि हादसे के बाद रोडवेज बस चालक ने मानवता का परिचय देने के बजाय वाहन को रोकना भी उचित नहीं समझा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चालक बस को तेज गति से लेकर मौके से फरार हो गया। इससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। लोगों का कहना है कि यदि चालक वाहन रोककर पुलिस या पशु चिकित्सकों को सूचना देता तो घायल पशुओं को तत्काल सहायता मिल सकती थी।

पहले अज्ञात वाहन पर था संदेह

घटना के बाद पीड़ित पशुपालक कमलेश कहार निवासी रामपुरा बस्ती ने शाहपुरा थाने में अज्ञात वाहन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उन्होंने पुलिस से आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर दोषी वाहन की पहचान करने की मांग की। पुलिस ने भी जांच शुरू की, लेकिन शुरुआती स्तर पर वाहन की पहचान नहीं हो सकी।

CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा गवाह

मामले में नया मोड़ तब आया जब परिवादी ने अपने परिचितों की मदद से शाहपुरा टोल, आमली बंगला टोल तथा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई। यह फुटेज पुलिस को उपलब्ध कराई गई। फुटेज की बारीकी से जांच करने पर पूरा मामला साफ हो गया।

सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में स्पष्ट दिखाई दिया कि हादसे में शामिल वाहन राजस्थान रोडवेज की बस RJ14 PH 0906 थी, जो उदयपुर से टोंक रूट पर संचालित हो रही थी। फुटेज में बस के आगे का शीशा टूटा हुआ तथा दाहिने हिस्से का अगला भाग क्षतिग्रस्त दिखाई दिया, जिससे यह पुष्टि हो गई कि यही बस हादसे में शामिल थी।

गर्भवती भैंस की मौत ने हर किसी को किया भावुक

हादसे का सबसे मार्मिक दृश्य वह था, जब टक्कर की भीषणता के कारण गर्भवती भैंस की मौके पर ही मौत हो गई और उसके गर्भ में पल रहा बछड़ा भी बाहर निकल गया। यह दृश्य देखकर आसपास मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। ग्रामीणों का कहना है कि पशु भी परिवार का हिस्सा होते हैं और उनकी इस तरह की दर्दनाक मौत किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को विचलित कर सकती है।

पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान

मृत भैंस और घायल दो अन्य भैंसों के कारण पशुपालक को लाखों रुपये का नुकसान होने की बात सामने आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पशुपालन कई परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में एक साथ तीन भैंसों का हादसे का शिकार होना आर्थिक रूप से भी बेहद बड़ी क्षति है। घायल भैंसों का इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

लोगों में रोष, सख्त कार्रवाई की मांग

घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि रोडवेज जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवा के चालकों से जिम्मेदारी और सतर्कता की अपेक्षा की जाती है, लेकिन यदि तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण बेजुबान पशुओं की जान चली जाए और चालक मौके से फरार हो जाए, तो यह गंभीर अपराध है।

परिवादी कमलेश कहार ने पुलिस से रोडवेज बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मृत भैंस एवं घायल पशुओं के लिए उचित मुआवजा दिलाने की भी मांग उठाई है।

पुलिस जुटी कानूनी कार्रवाई में

सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। फुटेज के आधार पर बस और उसके चालक की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण, सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार ड्राइविंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते तेज रफ्तार पर अंकुश नहीं लगाया गया तो ऐसे हादसे भविष्य में भी बेजुबान पशुओं और आम लोगों की जान लेते रहेंगे।