Homeराजस्थानजयपुरपरिंदों की रंगीन दुनिया से रूबरू करवायेगा जयपुर बर्ड फेस्टिवल–2026

परिंदों की रंगीन दुनिया से रूबरू करवायेगा जयपुर बर्ड फेस्टिवल–2026

31 जनवरी को कानोता कैंप रिसोर्ट में जुटेंगे सैकड़ों विद्यार्थी, शिक्षक और पर्यावरण विशेषज्ञ

जयपुर। स्मार्ट हलचल|प्रकृति, पक्षियों और जैव विविधता के संरक्षण का संदेश लेकर ग्रीन पीपल सोसायटी (GPS) के जयपुर चैप्टर द्वारा जयपुर बर्ड फेस्टिवल–2026 का भव्य आयोजन शनिवार, 31 जनवरी 2026 को किया जा रहा है। यह रंगारंग और ज्ञानवर्धक आयोजन कानोता कैंप रिसोर्ट, जामडोली (जयपुर) में सुबह 9.30 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगा।

फेस्टिवल संयोजक और ग्रीन पीपल सोसाइटी के उपाध्यक्ष रिटायर्ड आईएएस विक्रम सिंह ने बताया कि जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA), पर्यटन विभाग एवं RIICO द्वारा प्रायोजित इस फेस्टिवल का आयोजन वन विभाग व WWF इंडिया के सहयोग से किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि ग्रीन पीपल सोसायटी द्वारा लंबे समय से उदयपुर बर्ड फेस्टिवल जैसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित आयोजनों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की अलख जगा रही है। जयपुर में आयोजित पहला बर्ड फेस्टिवल–2025 अत्यंत सफल रहा, और उसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए अब जयपुर बर्ड फेस्टिवल–2026 आयोजित किया जा रहा है। इस फेस्टिवल में कक्षा VIII से XII तक के लगभग 500 विद्यार्थी भाग लेंगे, जो विशेषज्ञों के सान्निध्य में पक्षियों की रहस्यमयी और रंगीन दुनिया को नजदीक से जानेंगे।

सीखने का उत्सव :
यह फेस्टिवल विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए एक अनोखा अनुभव होगा, जहां सीखना उत्सव का रूप लेगा। कार्यक्रम के दौरान बर्ड वॉचिंग सेशन, ड्रॉइंग व पेंटिंग प्रतियोगिताएं, क्विज, बर्ड फोटोग्राफी व फिलैटली प्रदर्शनी, तितली के जीवन चक्र का लाइव डेमो, विशेषज्ञों के साथ संवाद, तथा नेचुरल कलर्स से बर्ड टैटू पेंटिंग जैसी आकर्षक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सभी प्रतिभागियों को बर्ड पहचान पुस्तिका, कार्डबोर्ड नेस्ट और फेस्टिवल किट भी प्रदान की जाएगी।

वर्कशॉप का रहेगा आकर्षण :
फेस्टिवल को और अधिक सार्थक बनाने के लिए इस वर्ष दो विशेष वर्कशॉप भी आयोजित की जा रही हैं। पहली ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (ToT) कार्यशाला होगी, जिसमें NGOs और स्कूलों से जुड़े लगभग 30 रिसोर्स पर्सन्स को “अर्ली बर्ड” पहल के अंतर्गत युवाओं को बर्डिंग से जोड़ने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। दूसरी कार्यशाला उभरते लेखकों के लिए होगी, जिसमें पक्षियों और उनके आवास पर लेखन के गुर सिखाए जाएंगे। यह विशेष सत्र प्रख्यात पक्षी विशेषज्ञ और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के पूर्व निदेशक असद रहमानी द्वारा संचालित किया जाएगा।

विक्रम सिंह बताते है कि जयपुर बर्ड फेस्टिवल–2026 न केवल एक आयोजन है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी को प्रकृति से जोड़ने, पक्षियों के संरक्षण का संदेश देने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने की एक प्रेरक पहल है।

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