सुध लेने वाला कोई नहीं, जर्जर हो चुका सिंचाई विभाग का भवन

मरम्मत के अभाव में छत और दीवारों से झड़ रहा प्लास्टर, हर पल हादसे का खतरा

मांडलगढ़/स्मार्ट हलचल।मांडलगढ़ कस्बे में स्थित सिंचाई विभाग का कार्यालय भवन वर्षों की अनदेखी और विभागीय उदासीनता का शिकार बना हुआ है। लगातार उपेक्षा के कारण भवन पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। भवन की दीवारों और छत से जगह-जगह प्लास्टर झड़ रहा है, जबकि कई हिस्सों में गहरी दरारें दिखाई देने लगी हैं। इसके बावजूद भवन में विभागीय कार्य जारी है, जिससे कर्मचारियों और यहां आने वाले आम नागरिकों की जान हर समय जोखिम में बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन की हालत लंबे समय से खराब है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने आज तक इसकी सुध नहीं ली। समय-समय पर भवन की मरम्मत कराने और इसकी जर्जर स्थिति से विभाग को अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। परिणामस्वरूप भवन दिन-प्रतिदिन और अधिक खस्ताहाल होता जा रहा है।

ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सरकारी भवनों के रखरखाव पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति बिल्कुल अलग नजर आती है। सिंचाई विभाग का यह भवन इसकी बानगी है, जहां सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी हो रही है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते भवन का तकनीकी निरीक्षण कर इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।

लोगों ने प्रशासन एवं सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि भवन का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। यदि भवन उपयोग के लिए सुरक्षित नहीं है तो इसे असुरक्षित घोषित कर कार्यालय को किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए तथा शीघ्र मरम्मत या नए भवन के निर्माण की कार्रवाई शुरू की जाए, ताकि कर्मचारियों और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।