– बनेठा में ‘एंट्री सिस्टम’ से अवैध खनन-परिवहन जारी,पुलिस-प्रशासन पर कथित मिलीभगत के आरोप
शिवराज बारवाल मीना
टोंक/बनेठा/उनियारा। स्मार्ट हलचल|उनियारा सर्किल के बनेठा थाना क्षेत्र में बनास नदी इन दिनों अवैध बजरी खनन और परिवहन का बड़ा केंद्र बनी हुई है। हालात इतने गंभीर हैं कि यहां रात-दिन खुलेआम ट्रैक्टर-ट्रॉली से बजरी का खनन और परिवहन किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग पूरी तरह मौन नजर आ रहे हैं।
क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि “बनेठा आइए-एंट्री दीजिए और बेरोकटोक बजरी भरकर ले जाइए”, जो प्रशासनिक ढिलाई और कथित मिलीभगत की ओर साफ इशारा करता है। पुलिस, खनिज विभाग और वन विभाग के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रहे हैं।
*ना पुलिस का डर, ना कार्रवाई का असर*
बनेठा सहित अलीगढ़, सोप, नगरफोर्ट और उनियारा थाना क्षेत्रों में दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉली दिन-रात बजरी ढोते नजर आते हैं। यहां तक कि पुलिस थानों और चौकियों सहित सरकारी कार्यालयों के सामने व आजू बाजू से भी अवैध परिवहन खुलेआम हो रहा है, जिससे कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
*हादसों का बढ़ता खतरा*
ओवरलोड और तेज रफ्तार बजरी वाहनों के कारण क्षेत्र में कई सड़क हादसे हो चुके हैं। इन हादसों में आमजन और राहगीरों के साथ-साथ खुद बजरी माफिया भी चोटिल होकर तक जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद प्रभावी रोकथाम के प्रयास नदारद हैं।
*112 गाड़ी को टक्कर-फिर भी कार्रवाई नहीं*
हाल ही 2 अप्रैल की देर रात बनेठा थाना पुलिस की 112 बोलेरो को बजरी माफियाओं द्वारा टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। यह घटना चौथ का बरवाड़ा थाना क्षेत्र में नदी पार हुई। चौंकाने वाली बात यह है कि सीसीटीवी और जीपीएस सिस्टम होने के बावजूद भी बजरी माफिया आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
*मिलीभगत के आरोप*
स्थानीय स्तर पर पुलिस, वन और खनिज विभाग के कुछ कार्मिकों पर माफियाओं से सांठगांठ के आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि गश्त या कार्रवाई की सूचना पहले ही माफियाओं तक पहुंच जाती है, जिससे वे बच निकलते हैं। छोटे परिवहनकर्ताओं पर कार्रवाई कर खानापूर्ति की जाती है, जबकि बड़े माफिया बेखौफ सक्रिय हैं।
*एसआईटी की भूमिका पर भी सवाल*
जिला और उपखण्ड स्तर पर गठित एसआईटी टीम भी अवैध खनन रोकने में प्रभावी नजर नहीं आ रही है। कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
*प्रशासन की साख पर सवाल*
अवैध बजरी खनन अब क्षेत्र में “कैंसर” की तरह फैल चुका है। आमजन को सब कुछ दिख रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की निष्क्रियता से प्रशासन की साख पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस, खनिज विभाग, वन विभाग और एसआईटी इस पूरे मामले में कब तक ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई कर पाते हैं, या फिर बजरी माफिया यूं ही बेलगाम चलते रहेंगे।
