धन की श्रेष्ठ गति ‘दान’, खाने से अधिक खिलाने में धर्म की प्रभावना: आचार्य विहर्ष सागर

ब्यावर में 17-18 जून को होगा भव्य श्रुतस्कंध विधान, आचार्य श्री ने श्रद्धालुओं से किया बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान

अनिल कुमार

ब्यावर। स्मार्ट हलचल।श्री दिगम्बर जैन पंचायती नसिया जी (सूरजपोल गेट बाहर) में आयोजित भव्य धर्मसभा को संबोधित करते हुए परम पूज्य आचार्य श्री 108 विहर्ष सागर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को जीवन और धन का असली मर्म समझाया। आचार्य श्री ने कहा कि जीवित व्यक्ति को दुनिया धनवान कहती है, लेकिन देहांत होते ही लोग उसे “निधन” (धन से रहित) घोषित कर देते हैं। इससे साफ है कि मौत के बाद धन यहीं छूट जाता है, केवल इंसान के पुण्य कर्म ही उसके साथ परलोक जाते हैं।

धन की तीन गतियां: दान, भोग और नाश
आचार्य श्री ने शास्त्रों का हवाला देते हुए बताया कि धन की केवल तीन ही गतियां होती हैं—दान, भोग और नाश।

भोग: धन का सही उपयोग अपने और परिवार के पालन-पोषण में करना।

दान: धर्म, सेवा और परोपकार के कार्यों में धन को लगाना।

नाश: यदि धन का उपयोग दान और भोग में नहीं किया गया, तो उसका नष्ट होना तय है।

उन्होंने दान को एक “आध्यात्मिक बैंक” बताते हुए कहा कि इसका रिटर्न केवल इस जन्म में नहीं, बल्कि आने वाले कई भवों (जन्मों) में मिलता है। इसलिए हर मनुष्य को अपनी कमाई का एक हिस्सा परोपकार में लगाना चाहिए।

“खुद खाने से ज्यादा दूसरों को खिलाने में है पुण्य”
प्रवचन के दौरान आचार्य श्री ने एक महत्वपूर्ण व्यावहारिक सीख दी। उन्होंने कहा कि स्वयं भोजन करने से केवल अपनी तृप्ति होती है, लेकिन किसी भूखे या अन्य को खिलाने से धर्म की प्रभावना होती है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि लोग अक्सर मंदिर और धर्म कार्यों में निम्न स्तर की सामग्री चढ़ाते हैं, जबकि खुद के लिए सबसे श्रेष्ठ चीजें चुनते हैं। उन्होंने कहा, “जैसी श्रद्धा और भाव होंगे, वैसा ही पुण्य मिलेगा। भगवान के कार्य में हमेशा सर्वश्रेष्ठ भावना और सामग्री का ही उपयोग करें।”

17 और 18 जून को ‘श्रुतस्कंध विधान’ का महाआयोजन
आचार्य श्री और उनके शिष्य मुनि श्री विजयेश सागर जी महाराज ने आगामी 17 और 18 जून को होने वाले ‘श्रुतस्कंध विधान’ की महिमा बताई। मुनि श्री ने कहा कि जिनवाणी ही मोक्ष का सच्चा मार्ग दिखाती है। श्रुतज्ञान की आराधना से जीवन में विवेक और संयम आता है।

आयोजन की मुख्य बातें:

आयोजक: दिगम्बर जैन पंचायत, ब्यावर (अध्यक्ष सुशील बड़जात्या एवं मंत्री रितेश फागीवाला)

तैयारियां: प्रवक्ता राकेश जैन ने बताया कि धर्मसभा में रोजाना भारी संख्या में श्रद्धालु जुट रहे हैं और समाज द्वारा सभी के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। पूरे जैन समाज में इस विधान को लेकर भारी उत्साह है।