Homeभीलवाड़ाकर्तव्य से ही अधिकारों की सार्थकता तय होती है

कर्तव्य से ही अधिकारों की सार्थकता तय होती है

– गोपाललाल दाधीच

गंगापुर, 18 जनवरी। स्मार्ट हलचल|अधिकारों की वास्तविक सार्थकता तभी है जब व्यक्ति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करे। कर्तव्य के बिना अधिकार न केवल व्यर्थ हैं, बल्कि समाज में असंतुलन भी पैदा करते हैं। यह विचार पूर्व अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी गोपाललाल दाधीच ने पीएम श्री उच्च माध्यमिक विद्यालय, गंगापुर के सभागार में राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) उपशाखा सहाड़ा द्वारा आयोजित “कर्तव्य बोध दिवस” कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है और उसका कर्तव्यनिष्ठ आचरण आने वाली पीढ़ी के चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
दाधीच ने कहा कि आज अधिकारों की चर्चा अधिक होती है, लेकिन कर्तव्यों की उपेक्षा की जा रही है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने दायित्वों को समझ ले तो अधिकार स्वतः सुरक्षित हो जाते हैं। शिक्षक यदि अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखे तो विद्यालय संस्कारों का केंद्र बन सकता है।
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) की प्रदेश सेवानिवृत्त प्रकोष्ठ सहसंयोजक सुशीला जाट ने शिक्षकों से विद्यालय को तीर्थ के समान मानकर सेवा भावना से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि जीवन मूल्यों और नैतिकता का विकास भी उसका उद्देश्य होना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष जगदीश चंद्र जोशी ने सामाजिक समरसता, अनुशासन और सहयोग की भावना पर जोर दिया। विभाग संगठन मंत्री तेज बहादुर सिंह ने संगठन की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए शिक्षकों को एकजुट होकर कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
रायपुर उपशाखा अध्यक्ष राधेश्याम जीनगर, जिला प्रतिनिधि दिलीप सिंह चुंडावत, सभाध्यक्ष नारायण सिंह चुंडावत, सहाड़ा उपशाखा अध्यक्ष बालमुकुंद वैष्णव एवं गोवर्धन लाल स्वर्णकार ने भी अपने विचार रखते हुए कर्तव्य बोध को समय की आवश्यकता बताया।
कार्यक्रम का संचालन पर्यवेक्षक रमेश चंद्र वैष्णव ने किया। शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण से हुआ। शाखा मंत्री विभूराज सिंह, ओमप्रकाश शर्मा, प्रहलाद तेली, प्रकाश चंद्र राणवा, नवरतमल सेन, सुरेंद्र वैष्णव, नीरज आटावाड़ा, रजत राज सिंह सहित समस्त पदाधिकारियों ने अतिथियों का दुपट्टा पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया।
कार्यक्रम प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लेकर कर्तव्य बोध का संदेश आत्मसात किया।

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