आकोला/सिंगोली | स्मार्ट हलचल|सिंगोली श्याम मंदिर परिसर स्थित रावणा राजपूत धर्मशाला में रावणा राजपूत समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में समाज सुधार, शिक्षा और वैवाहिक रीतियों को लेकर कई कड़े और अहम निर्णय लिए गए।मेहता जी का खेड़ा निवासी कालू सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त कुरीतियों को मिटाना और शिक्षा के स्तर को बढ़ाना था। समाज के वरिष्ठ जनों ने शिक्षा को बढ़ावा देने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।
नाता विवाह को लेकर बनाए नए नियम
बैठक में ‘नाता प्रथा’ (पुनर्विवाह) को लेकर समाज ने एक नई नियमावली तय की है। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि:
- समाज में अविवाहित नाता विवाह करने पर दोनों परिवारों (वर और वधू पक्ष) द्वारा ₹21,000 – ₹21,000 की सामाजिक राशि जमा करानी होगी।
- स्पष्ट किया गया कि ‘झगड़ा राशि’ (मुआवजा राशि) इससे अलग रहेगी।
- नाता विवाह में सामाजिक समझौता होने पर दोनों पक्षों को ₹5,000 – ₹5,000 की सहयोग राशि धर्मशाला में देनी होगी।
सहयोग राशि एकत्र करने वालों के लिए निर्देश
समाज के विकास के लिए सहयोग राशि एकत्र करने वाले समाजसेवियों के लिए भी नियम बनाए गए हैं। उन्हें एकत्रित राशि गांव में एक निर्धारित स्थान पर जमा करानी होगी। यदि कोई ऐसा नहीं करता है, तो उसे दंड स्वरूप दुगनी सहयोग राशि देनी होगी।
जोगणिया माता में होगा अगला सामूहिक विवाह
बैठक के दौरान पूर्व में आयोजित हुए सामूहिक विवाह सम्मेलन का आय-व्यय का ब्यौरा पेश किया गया। इसमें बची हुई बचत राशि को धर्मशाला निर्माण कार्य में लगाने का निर्णय लिया गया।
ये रहे उपस्थित
बैठक में समाज के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इनमें कालू सिंह, शंभू सिंह, खान सिंह, भेरु सिंह, प्रभु सिंह, नंद सिंह, मिट्ठू सिंह, महावीर सिंह, देवा सिंह, लादू सिंह, देवी सिंह, गणपत सिंह, राम सिंह, भंवर सिंह, नारायण सिंह, जय सिंह, बालू सिंह, गणेश सिंह, मांगू सिंह, बालकिशन सिंह और गोपी सिंह सहित कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।


